बीघापुर (उन्नाव) बीघापुर थाना क्षेत्र के कटरी स्थित बदिया खेड़ा गांव में अगवानी के दौरान हो रही आतिशबाजी की चिंगारी से छप्पर में आग लग गई। एक के बाद एक कर 45 घरों को आग ने चपेट में ले लिया। जान बचाने के लिए लोग बच्चों को लेकर घरों से सुरक्षित स्थान की ओर भाग पड़े। चारों ओर मचे हाहाकार के बीच पहुंचे दमकल जवानों ने ग्रामीणों की मदद से छह घंटे बाद आग पर काबू पाया। गुरुवार देर शाम तक प्रशासन की ओर से पीड़ितों को कोई मदद नहीं मिल सकी।
निबई चैकी क्षेत्र के बदिया खेड़ा निवासी विश्राम की बेटी की बुधवार को शादी थी। शुक्लागंज के आजाद नगर से बारात रात 9 बजे उसके घर पहुंची। ठीक दो घंटे बाद अगवानी शुरू हुई। इसी बीच छुड़ाई जा रही आतिशबाजी की चिंगारी सड़क किनारे स्थित घरों के छप्पर पर जा गिरी। कुछ देर में ही छप्परों से आग की लपटें निकलने लगीं। जब तक गांव के लोग आग बुझाने की मशक्कत शुरू करते उसने एक-एक कर गांव के 45 घरों को चपेट में ले लिया।
आग के उग्र रूप को देख लोग बच्चों को गोद में लेकर जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए। सूचना मिलते ही एसओ मनोज मिश्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और फायरब्रिगेड को घटना की जानकारी दी। रात एक बजे पहुंची दमकल गाड़ियों ने ग्रामीणों की मदद से छह घंटे की मशक्कत के बाद सुबह लगभग पांच बजे आग पर काबू पाया। गुरुवार सुबह कानूनगो रामसजीवन व लेखपाल सुभाष घटनास्थल पर पहुंचे और आग से हुए नुकसान का आकलन किया। गुरुवार देर शाम तक प्रशासन की ओर से पीड़ितों को कोई सहायता मुहैया नहीं कराई जा सकी थी। ग्रामीण पूरे दिन भूख से तड़पते रहे। मदद न मिलने से गांव में जबर्दस्त आक्रोश पनपा रहा।
उधर, विभौरा गांव में भी आग ने 100 घरों को निगल लिया। इस गांव के दुर्गा पंडा की बेटी की गुरुवार को बारात आनी थी। शादी का पंडाल भी सज चुका था। इसी बीच पंडाल के खेल-खेल में बच्चों ने माचिस की तीली जला कर फेंक दी। घासफूस में लगी आग बढ़कर चंद्रिका रावत के घर तक पहुंच गई। तेज हवा के बीच आग ने उग्र रूप अपनाते हुए पड़ोस के कई घरों को चपेट में ले लिया। आग दुर्गा पंडा के घर के बाहर लगे पंडाल तक पहुंच गई।
पलक झपकते ही पूरा पंडाल जलकर राख हो गया। गांव के लोग आग बुझाने की मशक्कत में जुट गए। गांव के छेद्दू के घर का सिलेंडर फटने से आग ने भीषण रूप ले लिया। जिससे भड़की आग ने एक-एककर गांव के लगभग एक सैकड़ा घर चपेट में ले लिए। सूचना पर पहुंची दमकल गाड़ी आग बुझाने में जुट गई। कई बार गाड़ियों का पानी भी समाप्त हो गया। देर शाम तक आग बुझाने की कोशिशें जारी रहीं।
आग से रामसजीवन, ललऊ, गंगाविष्णु, रज्जू, राजू, बसंत, रामगोपाल, रामसजीवन, शिवमोहन, भगौती, रामेश्वर, छेद्दू, सोहनलाल, पप्पू, इंद्रपाल, बचऊ, लोट्टन, शिवबाबू, दुर्गा पंडा, गूदी, धून लोहार, चंद्रिका, श्रीपाल, गंगासागर, रामसागर, सत्यनारायण, राकेश, दूली, विंदा, शिवप्रसाद, संतोष, हरीशंकर, बचऊ, रामसजीवन, रानीदेवी, नन्हकऊ, रामेश्वर, रज्जन, नरेश, राधाकृष्ण समेत एक सैकड़ा लोगों की लाखों की संपत्ति आग की भेंट चढ़ गई।