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शासन तक पहुंचा गंगा में खनन का मामला, जांच शुरू

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अचलगंज क्षेत्र में अवैध खनन की जांच करते अधिकारी। - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। गंगा में बड़े पैमाने पर हुए बालू के अवैध खनन का मुद्दा शासन तक पहुंच गया है। खनन निदेशालय के निर्देश पर शुक्रवार शाम को कानपुर के खनन निरीक्षक ने टीम के साथ बंदीपुरवा गांव के पास हुए खनन स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान झाड़ी में छिपाकर खड़ी की गईं तीन पोकलैंड मशीनें सीज कर दीं। गंगा में कितनी बालू का खनन किया गया और किसने किया इसकी जांच लंबी चलेगी। खनन निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट निदेशालय को देने की बात कही है।
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मालूम हो कि सदर तहसील क्षेत्र में गंगा कटरी के बंदीपुरवा और बदरका तुर्किहा गांव के पास दो स्थानों पर खेत की बालू हटाने की अनुमति लेकर गंगा की धारा रोककर बीच में बड़े पैमाने पर खनन किया गया। मामला चर्चा में आया तो एसडीएम दिनेश कुमार ने जांच कराने की बात कही।
गुरुवार को तहसीलदार सदर ओपी शुक्ला ने जांच में पाया कि गंगा में अवैध खनन तो हुआ है लेकिन वह कानपुर जिले के ग्राम शेखपुर में आता है। उधर मामला निदेशालय तक पहुंचने के बाद जांच शुरू हुई। खनन निरीक्षक दिनेश कुमार सिंह शुक्रवार शाम खनन स्थल पहुंचे। यहां गंगाघाट थानाक्षेत्र में दो और अचलगंज थानाक्षेत्र में झाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गईं पोकलैंड मशीनों को सीज कर दिया। उन्होंने खनन स्थल को भी देखा। बताया कि वह अपनी जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगे। बताया कि कितने क्षेत्रफल में कितने घन मीटर बालू का खनन हुआ इसकी जांच में वक्त लगेगा।
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डीएम ने जिले में बालू खनन पर लगाई रोक
डीएम देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में सभी तरह के खनन बंद तत्काल बंद करा दिए गए हैं। बताया कि कुछ लोगों ने खेत की बालू हटाने की अनुमति ली थी। बंदीपुरवा और परियर क्षेत्र में अवैध खनन की बात सामने आई है। इसे देखते हुए सभी वैध खनन की अनुमति भी निरस्त करते हुए जिले में बालू खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बताया शिकायत मिलने पर जांच कराई गई थी, लेकिन यह पता नहीं चल पाया कि खनन कराने वाले कौन लोग थे।
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-निदेशालय के निर्देश पर पहुंची टीम, तीन पोकलैंड मशीनें सीज
-निरीक्षक ने देखा खनन स्थल, बोले उच्चाधिकारियों को देंगे रिपोर्ट
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