नवाबगंज। शादी में जेवर हल्के व कम लाने पर रविवार को वधू पक्ष ने शादी से इन्कार कर दिया। मामला कोतवाली पहुंचा तो जेवर वजन कराने और तिलक में दी बाइक वधू पक्ष ने अपने पास रखने की बात कही। इस पर वर पक्ष तैयार हो गया। इसके बाद फेरे कराकर दुल्हन को विदा किया गया।
अजगैन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में 11 मई को पुरवा क्षेत्र से बरात आई थी। अगवानी के बाद द्वारचार की रस्म पूरी हुई। वधू पक्ष के दरवाजे पर ही तिलक चढ़ाया गया। वरमाला के लिए वर-वधू स्टेज पर गए। तब तक सब कुछ सामान्य था। फिर मंडप में फेरों के समय वर पक्ष ने चढ़ावे के जेवर रखे तो वधू पक्ष के लोग हल्के व कम जेवर देखकर भड़क गए। दोनों पक्षों में बात इतनी बिगड़ी कि कन्या पक्ष ने शादी से इन्कार कर दिया। सुबह तक मान मनौव्वल हुई लेकिन बात नहीं बनी।
वर पक्ष कोतवाली पहुंचा, जहां पुलिस के समझाने पर तय हुआ कि जब तक वधू के जेवरों का वजन नहीं कराया जाता तब तक तिलक में दी गई बाइक कन्या पक्ष के पास ही रहेगी। दोनों पक्षों में सुलह के बाद सोमवार शाम चार बजे फेरे हुए और फिर दुल्हन विदा हुई। अजगैन प्रभारी निरीक्षक सुरेश सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों में सुलह कराया गया है। बरात विदा हो गई है।
कन्या पक्ष करता रहा इंतजार, नहीं आई बरात
फतेहपुर चौरासी। रविवार को एक गांव में कन्या पक्ष बरात का इंतजार करता रहा। बरात न आने से स्वागत के लिए की गई सारी तैयारियां धरी रह गईं। सोमवार को युवक के पिता ने कन्या के पिता को अब तक खर्च हुई रकम देने का वादा किया। दोनों पक्षों में समझौता हो गया। कन्या के पिता ने बताया कि बेटी की शादी बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में तय हुई थी। 11 मई को बेटी की बरात आनी थी। काफी देर तक बरात का इंतजार करते रहे। बरात न आने से स्वागत के साथ शादी की अन्य तैयारियां बेकार हो गईं। बताया कि शादी की व्यवस्था के साथ अन्य हुए खर्च की अदायगी लड़के के पिता द्वारा किए जाने पर समझौता हो गया है। (संवाद)