उन्नाव। पिता को मृत दिखाकर शिक्षक बनने वाले बेटे को बीएसए ने निलंबित कर दिया है। तीन सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई हुई है। शिक्षक को हिलौली बीआरसी में संबद्ध किया गया है। हसनगंज बीईओ को जांच सौंपी गई है।
असोहा ब्लॉक क्षेत्र के मंझरिया गांव निवासी श्रीराम यादव साल 2002 में नीमटीकर गांव के प्राथमिक स्कूल में शिक्षक थे। छोटे बेटे रामबरन ने पिता को मृत घोषित कर मृतक आश्रित कोटे से साल 2003 में शिक्षक के पद पर नियुक्ति ली थी। मां की पेंशन भी लगवा ली। इसके बाद रामबरन परिवार सहित लखनऊ के मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के कोराना गांव में रहने लगा। वहीं से असोहा में नौकरी भी करने आता था। रामबरन ने साल 2004 में असोहा ब्लॉक से हिलौली में तबादला करा लिया और हिलौली ब्लॉक के मोहनखेड़ा गांव के प्राथमिक स्कूल में कई सालों तक शिक्षक रहा। वर्तमान में हिलौली के खेरवा गांव के उच्च प्राथमिक स्कूल में कार्यरत था। रामबरन के इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब साल 2014-15 में पिता श्रीराम के नाम पर जमीन का बैनामा कराया गया। मामले की शिकायत कोराना गांव के ललितेश सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने शिक्षा निदेशक, उप मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक और बीएसए से की। आरोप था कि श्रीराम यादव साल 2002 में सरकारी अभिलेखों में मृतक हैं, तो उनके नाम पर जमीन का बैनामा कैसे हुआ। वहीं ग्रामीणों का कहना था कि शिक्षक बेटा रामबरन 2002 से गांव नहीं आया। उसके बड़े भाई देवेंद्र कभी-कभार गांव आते रहते हैं। सवाल यह उठा कि श्रीराम 2002 में मृत हुए तो 13 साल बाद 2014-15 में बैनामा व जमीन की वरासत 21 साल बाद 2023 में क्यों हुई। इन तरह के लगे आरोपों पर बीएसए की ओर से बैठी जांच के बाद फिलहाल आरोपित शिक्षक को निलंबित किया गया है।
बीएसए शैलेष पांडेय ने बताया कि शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। आगे की जांच और कार्रवाई जारी है।