पेड़ की टहनी से आग को फैलने से रोकते दमकल कर्मी।
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कंपाइंड मशीन से फसल कटने के बाद बची लॉक में आग लगने से उपनिदेशक कृषि निदेशक कार्यालय लपटों से घिर गया। इससे अफरातफरी मच गई। गनीमत रही कि चिंगारी कार्यालय परिसर तक नहीं पहुंची। कृषि फार्म परिसर में 200 बोरा गेहूं रखा था। आग से कृषि फार्म समेत आसपास किसानों की चार बीघा फसल जल गई।
एफएसओ पंप मोटर लेकर मौके पर पहुंचे, मगर पानी की कमी के चलते आग को पेड़ की टहनियों से पीटकर बुझाया। आक्रोशित किसानों ने कृषि फार्म इंचार्ज पर कंपाइंड मशीन से बालियां कटवाने के बाद आग लगाने का आरोप लगाया। पुलिस ने कृषि फार्म इंचार्ज को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि आग शार्ट सर्किट से लगी है। कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
शहर के पास जिला कृषि विभाग का तीस हेक्टेअर का मॉडल कृषि फार्म है। दो दिन पहले अधिकारियों ने दस हेक्टेअर में बोई गई गेहूं की फसल कंपाइंड मशीन से कटवाई थी। मंगलवार शाम अचानक फार्म में खड़ी लॉक में आग लग गई। तेज हवा चलने से चिंगारी यहीं स्थित जिला कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय और कृषि बीज भंडार की ओर बढ़ने लगीं। कर्मियों ने आननफानन दमकल और जिला कृषि अधिकारी को सूचना दी।
एफएसओ जेपी सिंह पंप यूनिट और दमकल जवानों के साथ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। हालांकि पानी की कमी और आग बड़े क्षेत्र में लगने होने से पंप यूनिट काम नहीं आई। अग्निशमन जवानों ने पेड़ की टहनियों से पीटकर आग को आगे बढ़ने से रोका।
इसी दौरान कृषि फार्म की चार बीघा गेहूं की फसल के अलावा किसान अब्दुल मुईन के खेत में पड़े गेहूं के बोझ बीस बोझ, अब्दुल रसीद की गेहूं और बरसीम, वसीग अहमद की दो बीघा गेहूं की फसल आग में जल गई। फसल जलने से नाराज किसानों और उनके परिवार की महिलाएं फफक कर रो पड़ीं। किसानों ने कृषि विभाग के कर्मचारियों पर फार्म की लॉक को जलाने की बात कही।
आरोप लगाया कि कंपाइड मशीन से गेहूं निकलवाने के बाद अपनी कमी छिपाने के लिए ऐसा किया गया है। किसानों ने हंगामा शुरू किया तो कोतवाली पुलिस ने फार्म इंचाज श्याम बिहारी को पूछताछ के लिए अपने साथ कोतवाली लेकर गई है। लेखपाल सुनील सिंह भी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आग से हुए नुकसान का आंकलन शुरू किया।