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रिश्वत मांगने पर लेखपाल निलंबित

Wed, 18 Mar 2015 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
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पुरवा/उन्नाव। पिता की मौत के दो वर्ष बाद पुत्रों का नाम वरासत में न चढ़ाना और इस काम के लिए रिश्वत की मांग करना लेखपाल को महंगा पड़ गया। पीड़ितों की शिकायत को डीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया।
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इसके अलावा क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों पर हो रही लापरवाही की शिकायत पर डीएम ने 30 केंद्रों की जांच के लिए 10 अधिकारियों को भेजा।

मंगलवार को पुरवा तहसील में डीएम की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 262 लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई। कुल शिकायतों में 105 राजस्व, 65 पुलिस, 27 विकास, 17 समाज कल्याण, स्वास्थ्य के 2, शिक्षा का 1 व 45 अन्य मामले आए। तहसील दिवस में इनमें से किसी भी मामले का त्वरित निष्तारण नहीं किया जा सका।

इस दौरान एसपी एमपी सिंह, एसडीएम विवेक चतुर्वेदी, तहसीलदार राजेश चौरसिया, सीओ आरपी सिंह यादव, बीएसए डॉ. मुकेश कुमार सिंह, ईओ उमेश मिश्रा, आरती गुप्ता, बीके यादव, सुरेश चंद्र ओमहरे, अनूप सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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पुरवा संवाददाता के अनुसार, मंगतखेड़ा निवासी इंदल, शिवकरन, मुन्ना, शिवप्रसाद पुत्रगण नन्हक्कू ने तहसील दिवस में पहुंचकर जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल से शिकायत की कि उनके पिता की मृत्यु दो वर्ष पूर्व हो गई थी।

इसके बाद से ही वह लोग क्षेत्रीय लेखपाल अवनीश तिवारी से उनका नाम वरासत में चढ़ाने की मांग कर रहे हैं लेकिन लेखपाल दो साल से उन लोगों को टरका रहे हैं और पांच हजार रुपए देने के बाद ही काम करने की बात कह रहे हैं। इसपर डीएम ने मामले को संज्ञान में लेते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट से इसकी तुरंत ही जांच करने के आदेश दिए। जांच में मामला सही पाए जाने पर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश एसडीएम को दिए गए।

क्षेत्रीय लोगों द्वारा की गई शिकायतों को ध्यान में रखते हुए डीएम ने जिला स्तरीय 10 अधिकारियों को क्षेत्र के 30 केंद्रों पर भेजकर जांच करवाई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आदेशित किया कि जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय भेजने के आदेश दिए।
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