तहसील समाधान दिवस में गुलरिहा गांव निवासी रतीपाल व सोबरन ने जब शिकायत की कि उन्हें सूखा राहत राशि दिलाने के लिए रिश्वत ली गई और राशि भी नहीं मिली। तो डीएम के तेवर सख्त हो गए और उन्हाेंने तत्काल तहसीलदार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने व संबंधित लेखपाल को निलंबित करने के निर्देश दे दिए। डीएम ने एडब्ल्यूबीएन व एक अन्य लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि के भी आदेश दिए।
डीएम अदिति सिंह मंगलवार को बांगरमऊ तहसील में समाधान दिवस की अध्यक्षता कर रही थीं। उन्हाेंने सभी जिला, तहसील व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह लोग आने वाले प्रकरणों का निस्तारण पूरी गंभीरता से करें। इस मौके पर गुलरिहा गांव के मजरा भिखारीपुर पतसिया निवासी रतीपाल व सोबरन ने शिकायत की कि उनसे सूखा राहत राशि दिलाने के नाम पर रिश्वत ली गई। इसके बाद भी राशि नहीं मिली।
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इस पर डीएम ने तहसीलदार को प्रतिकूल प्रविष्टि देने व संबंधित लेखपाल को निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा शादी अनुदान के एक प्रार्थनापत्र को तहसील में रोके रखने पर संबंधित एडब्ल्यूबीएन को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए।
सफीपुर तहसील में एसडीएम कृपा शंकर यादव के सामने 116 शिकायतीपत्र आए। जिसमे तीन का मौके पर निस्तारण किया गया। पुरवा तहसील में एडीएम बीएन यादव ने शिकायतें सुनीं। कुल 91 मामले आए। बीघापुर तहसील में एसडीएम बृजेश कुमार ने शिकायतें सुनीं। यहां 120 शिकायतें आईं, जिसमें से कुल चार का मौके पर निस्तारण किया गया।