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पारा 46 पार, डायरिया से एक की मौत, कई बीमार

Wed, 17 May 2017 12:24 AM IST
उन्नाव
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जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया मरीज। - फोटो : अमर उजाला
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72 घंटे में सूरज की तपिश ने हाल बेहाल कर रखा है। मंगलवार को भी पारा 46.1 के पार रहा। प्रचंड गर्मी से डायरिया का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। डायरिया से पीड़ित एक वृद्ध की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं शाम तक 26 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए। अस्पताल के रिकार्ड में चार दिनों में डेढ़ सैकड़ा से अधिक डायरिया व हीट स्ट्रेस के मरीज भर्ती हो चुके हैं।

सफीपुर पावा निवासी रामकिशोर (60) के पेट दर्द व उल्टी होने पर मंगलवार को पुत्र अवधेश ने भर्ती कराया। यहां दोपहर बाद इलाज के दौरान वृद्ध ने दम तोड़ दिया। इसके अलावा जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित मरीजों में शहर के पीडीनगर निवासी अशोक कुमार की पुत्री अन्नू (तीन) रहमान का पुत्र वारिस (एक), राजकुमारी पत्नी अशोक (34) जमुका अचलगंज, दीपक कुमार (17), नगमा (28), शहनाज (31), सोनाली (18) समेत शाम तक 26 डायरिया मरीजों को उल्टी दस्त होने पर भर्ती कराया गया है। मरीजों का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। चार दिनों में करीब डेढ़ सैकड़ा मरीज जिला अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इनमें से कई की हालात चिंताजनक होने पर कानपुर के हैलट व नर्सिंगहोम में उपचार चल रहा हैं।
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हीट स्ट्रेस की चपेट में शहरी
मौसम में बढ़ी तल्खी से जन जीवन बेहाल है। भीषण गर्मी का आलम यह है कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। जो घर से बाहर बगैर सावधानी के निकलता है वो मौसम की चपेट में आकर बीमार हो रहा है। बीते चार दिनों में जिला अस्पताल की ओपीडी में हीट स्ट्रेस की चपेट में आकर भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है।

डा. आलोक पांडेय ने हीट स्ट्रेस के बारे में बताया कि मौसम का तापमान बढ़ने से शरीर ओवरहीट होने लगता है। इससे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है और शारीरिक तनाव होता है। इससे बुखार, पेट संबंधित समस्याएं, डिहाइड्रेशन, सिर में तेज दर्द, मांसपेशियों में तेज दर्द, त्वचा में जलन व रूखापन के साथ ज्यादा देर तक धूप में रहने से चक्कर व बेहोशी की समस्या होती है। फिलहाल गर्मी से बचाव ही बेहतर उपचार है।
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बढ़ रहा पेट का संक्रमण
सूर्य की तपन व भीषण उमस की चपेट में आकर उल्टी दस्त व पेट दर्द से पीड़ित आधा सैकड़ा से अधिक मरीज हर दिन जिला अस्पताल पहुंच रहें हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के आगे बेड नाकाफी साबित हो रहे हैं। डाक्टर उपचार के लिए एक बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती कर उपचार कर रहे हैं। डा. जेपी बाजपेई ने बताया डायरिया के साथ ही पेट में इंफेक्शन की समस्या काफी बढ़ रही है। इससे बचने के लिए बाहर के खुले खाने के साथ ही कटे फल व गन्ने का जूस लेने से परहेज करना चाहिए।

डायरिया के लक्षण
कंपकंपी उल्टी या बेहोशी आना
बार बार प्यास लगना
तेज बुखार होना
पेट में दर्द
थका व कमजोर महसूस करना

ऐसे करें रोग से बचाव
डायरिया की चपेट में आने पर दूध से दूर रहे
दिन में कम से कम 10 ग्लास पानी पीएं।
कम फाइबर वाले खाने का प्रयोग करें।
साफ सफाई का विशेष तौर पर ध्यान दें।
परेशानी पर चिकित्सक की फौरन सलाह लें
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