हसनगंज। तहसील मुख्यालय पर औरास परगना कोर्ट में कार्यरत रजिस्टार कानूनगो पीके मिश्रा ने एक बाहरी व्यक्ति अखिलेश पाल को अपनी सुविधा के लिए काम पर रखा था। अखिलेश पाल नायब तहसीलदार मंजुला मिश्रा के कोर्ट का भी काम देख रहा था।
इसी कोर्ट में रामपुर गड़ौवा की दुलारे बनाम शिवमूर्ति का वाद चल रहा था। इसमें अखिलेश ने नायब तहसीलदार के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर वाद निरस्त कर दिया। फर्जी हस्ताक्षर की जानकारी पर नायब तहसीलदार ने रजिस्टार कानूनगो पर कार्रवाई के लिए पत्र डीएम को भेजा था। गुरुवार को डीएम रवींद्र कुमार ने पीके मिश्रा को निलंबित कर दिया। (संवाद)