नवाबगंज। अजगैन कोतवाली क्षेत्र के गांव चांदपुर झलिहई में प्रसव पीड़ा होेने पर बुधवार देर शाम 108 एंबुलेंस से पति उसे हसनगंज सीएचसी लाया। यहां प्रसूता ने बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसकी हालत बिगड़ी तो जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रास्ते में हालत बिगड़ने पर अजगैन के पास एक नर्सिंगहोम में लेकर गया। जहां उसकी मौत हो गई।
चांदपुर झलिहई गांव निवासी राकेश की पत्नी गुड़िया (32) को बुधवार देर शाम प्रसव पीड़ा हुई। पति ने एंबुलेंस के लिए 102 नंबर पर फोन मिलाया। एंबुलेंस चालकों की हड़ताल के चलते कॉल सेंटर से उसे 108 की एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई। पत्नी को लेकर वह हसनगंज सीएचसी पहुंचा। यहां महिला ने बच्चे को जन्म दिया। जन्म के बाद खून अधिक बहने से हालत बिगड़ गई। पति का आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने आशा कार्यकर्ता गीता के माध्यम से रेफर होने पर जिला महिला अस्पताल लाने के लिए 400 रुपये की मांग की। लेकिन 250 रुपये में मामला तय हुआ। तब तक काफी समय लग गया। इससे पत्नी की हालत और बिगड़ गई। एंबुलेंस पत्नी को लेकर जैसे ही अजगैन पहुंची वह मरणासन्न हो गई। एक नर्सिंगहोम उसे ले जाया गया। वहां उसने दम तोड़ दिया।
क्या बोले प्रोग्राम मैनेजर
एंबुलेंस के जिला प्रोग्राम मैनेजर विराट श्रीवास्तव ने बताया कि मामला जानकारी में नहीं है। पीड़ित शिकायत करता है तो इसकी जांच होगी। बुधवार को एंबुलेंस की हड़ताल होने से 108 की ही एंबुलेंस चल रही थीं। इसलिए 102 न भेजकर वह भेजी गई होगी।