उन्नाव। मक्का में मीना शहर में शैतान को कंकड़ मारने के दौरान हुई भगदड़ में कई लोगों के मारे जाने की सूचना से जिले से हज यात्रा पर गए लोगों के परिजनों की बेचैनी बढ़ गई। घटना की जानकारी होने के बाद कोई अपने शौहर से बात करने के लिए बेताब था तो कोई अपने भाई और अब्बू से। फोन लाइनें व्यस्त होने से लोग घंटों अपनों से बात नहीं कर पाए। दोपहर करीब डेढ़ बजे के बाद फोन मिलना शुरू हुए और हाल चाल लिया तब पानी का घूंट और निवाले हलक के नीचे उतरे।
इस बार जिले के 190 लोग हज यात्रा पर मक्का-मदीना गए हैं। हज यात्रा के दौरान मीना के मैदान में शैतान को कंकड़ मारने का रिवाज है। गुुरुवार को भारतीय समय के अनुसार करीब बारह बजे शैतान को कंकड़ मारने के दौरान भगदड़ मच गई। टीवी व दूसरे सूचना माध्यमों से घटना में कई लोगों के मारे जाने की सूचना मिली तो हज यात्रा पर गए लोगों के परिजन परेशान हो गए।
शहर के मोहल्ला एबी नगर निवासी मो. इश्तियाक अपने रिश्तेदार मो. फस्सू, मो. नदीम, मो. जुनैद, लतीफ और मो. असलम के साथ हज यात्रा पर गए हैं। जैसे ही मीना की घटना का पता चला मो. इश्तियाक की पत्नी नूर बानो और पूरा परिवार परेशान हो गया। नूरबानो ने फोन मिलाया लेकिन फोन लाइनें व्यस्त होने के कारण बात नहीं हो सकी। घंटो यही सिलसिला चलता रहा इस दौरान परिजनों के दिलों की धडकनें तेज रहीं। दोपहर करीब एक बजे बात हुई और इश्तियाक ने खेमे में होने और बिल्कुल सुरक्षित होने की जानकारी दी तब परिवार ने राहत की सांस ली।
मोहल्ला एबी नगर निवासी अम्मार अनस अपनी पत्नी मलिका सिद्दीकी के साथ हज करने गए हैं। अम्मार अनस के परिवार को जैसे ही घटना का पता चला सभी अल्लाह से उनकी खैरियत की दुआ मांगने लगे। छोटे भाई मो. अहमद ने बताया कि फोन लाइनें व्यस्त होने से सबसे ज्यादा परेशानी हुई। जबतक बात नहीं हो गई दिल को सुकून नहीं मिला।
तालिब सरांय मोहल्ला निवासी मो. राशिद अहमद और उनकी पत्नी जफरुननिशा भी हज गई हैं। घटना की सूचना से परेशान हुए परिवार वाले अपनों की सलामती की जानकारी होने के बाद परवरदिगार का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। लोगों ने कहा कि अब खुशी-खुशी ईदुल अजहा का त्योहार पूरे एहतमाम के साथ मनाएंगे।