उन्नाव। तोड़ो, बनाओ और कमीशन खाओ। इसी नीति पर अधिकारी चल रहे हैं। इसी क्रम में शहर के मुख्य मार्ग स्थित आवास विकास कालोनी के पास मात्र एक वर्ष पूर्व करीब 13.30 लाख की लागत से बनवाए गए डिवाइडर को तोड़ दिया गया है। अब अधिकारी इसे 25 लाख से दोबारा और बेहतर तरीके से बनवाने की बात कह रहे हैं।
सन 2012-13 में शहर के मुख्य मार्ग पर बने जर्जर डिवाइडर की मरम्मत व इसे खूबसूरत तरीके से निर्माण कराने के लिए उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने 13.30 लाख रुपये की लागत से पीडब्ल्यूडी को ठेका दिया था। विभागीय ठेकेदारों ने इसे करीब डेढ़ साल में आधी दूरी तक बनवाकर बीच में ही छोड़ दिया था।
अधूरा काम होने पर यूडीए ने विभाग को इसकी आधी रकम 6.65 लाख का पेमेंट कर आगे का काम पूरा करने पर बाकी का भुगतान करने की बात कही थी। तभी से यह काम रुका हुआ था। इसके बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा बनवाए गए हिस्से को अब नगर पालिका ने तोड़ना शुरू कर दिया है।
पालिका अधिकारी इस डिवाइडर को 25 लाख की लागत से बाईपास चौराहे से लेकर करीब 5 सौ मीटर तक नए और बेहतर तरीके से बनवाने की बात कह रहे हैं। वहीं, यूडीए अधिकारियों का कहना है कि उन्हें तो इस बात की जानकारी ही नहीं दी गई कि उनके विभाग की ओर से बनवाए गए डिवाइडर को तोड़ दिया गया है।
हमें तो पता ही नहीं कि तोड़ दिया डिवाइडर
उन्नाव। यूडीए के अवर अभियंता राजेश तोमर ने कहा कि उन्हें डिवाइडर के तोड़े जाने की जानकारी ही नहीं है। यदि डिवाइडर तोड़ा गया है तो यह बात गलत है। इस बारे में उन्होंने पालिका अधिकारियों से बात करने को कहा है।
वर्जन
डिवाइडर की मरम्मत व इसके सुंदरीकरण कार्य की जिम्मेदारी पालिका की है। इसलिए विभाग बाईपास से लेकर करीब पांच सौ मीटर की दूरी तक 25 लाख की लागत से डिवाइडर को तोड़कर बनवाया जा रहा है। - रोली गुप्ता, ईओ, नगर पालिका-उन्नाव।