उन्नाव। ई-रजिस्ट्री की अनिवार्यता के विरोध में स्टांप वेंडरों, दस्तावेज नवीस और अधिवक्ताओं की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। सहायक रजिस्ट्रार ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल सरकारी संपत्तियों पर लागू है।
सदर निबंधन के सहायक रजिस्ट्रार राजेश कुमार ने बताया कि ई-रजिस्ट्री का आदेश सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। यह उन संपत्तियों पर लागू होता है जो सरकारी उपक्रमों जैसे यूपीडा या आवास विकास परिषद द्वारा खरीदी जाती हैं। आम संपत्तियों के रजिस्ट्रीकरण में ई-रजिस्ट्री अनिवार्य नहीं है। क्रेता अपनी इच्छा से सामान्य रजिस्ट्री व्यवस्था या ई-रजिस्ट्री का विकल्प चुन सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्टांप वेंडरों और अन्य को इससे घबराने की आवश्यकता नहीं है।