करन व पुरवा ब्लाक के दो बूथों पर हुई मारपीट व पथराव की घटनाओं के बीच तीसरे चरण में चार ब्लाकों में 72.67 फीसदी मतदान हुआ। करन ब्लाक के मवईयामाफी गांव में फर्जी वोटिंग को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। इस पर एक पक्ष ने दूसरे पर पथराव कर दिया।
सूचना पर पहुंची अचलगंज पुलिस ने सभी को खदेड़ते हुए पांच को पकड़कर थाने पहुंचाया। वहीं, पुरवा ब्लाक के अटवट केंद्र पर मौजूद एक प्रत्याशी ने पुलिस पर उसे, मां और भाई को पीटने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने के कारण चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहा।
सोमवार को तीसरे चरण में सिकंदरपुर करन, पुरवा, बीघापुर व सुमेरपुर की 268 प्रधान और 3284 ग्राम पंचायत सदस्य सीटों के लिए सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हुआ। सिकंदरपुर करन ब्लाक के मवइया माफी गांव में फर्जी वोटिंग को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पर पथराव कर दिया।
इससे दूसरे पक्ष के एक युवक के पैर और महिला के हाथ में ईंट लग गई। दोनों को गंभीर चोटें आईं। इस घटना के दौरान बूथ पर मौजूद पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। एक प्रत्याशी ने 100 नंबर पर सूचना दी तब अचलगंज एसओ अरुण कुमार सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और भीड़ को लाठियां पटक कर खदेड़ा।
इस दौरान दोनों पक्षों से पांच लोगों को पकड़ लिया और सभी को थाने में बिठाया। देरशाम एसओ ने बताया कि सभी को हिदायत देकर छोड़ दिया गया। पुरवा ब्लाक के अटवट गांव में प्रत्याशी प्रकाशचंद्र ने पुलिस पर पीटने का आरोप लगाया। बताया कि बूथ के कार्मिक दूसरे प्रत्याशी की मदद कर रहे थे।
जब इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मी उन्हें ही पीटने लगे। बीचबचाव करने पहुंची उनकी मां जगदेई व भाई ओमकार को भी पीटा। इससे मां का सिर फट गया। वहीं, गांव के सोहन, फूलचंद्र, विजय, परसादी आदि भी पुलिस की ज्यादती का शिकार हुए। पुलिस सभी को पकड़कर थाने ले गई।
पुरवा के गदोरवा, छूलेमऊ, पासाखेड़ा, कसरौर, चमियानी आदि में भी फर्जी वोटिंग की सूचना पर पहुंची पुलिस को वहां सब कुछ शांत मिला। चमियानी बूथ पर स्टेट्रिक मजिस्ट्रेट नवीन सैनी ने मोबाइल फोन का प्रयोग करते मिले एजेंटों को जमकर फटकार लगाई। सोमवार शाम 4.30 बजे सभी केंद्र बंद कर दिए गए।
इस दौरान जो वोटर अंदर थे, उनसे ही मतदान कराया गया। आखिर में सभी चारों ब्लाकों में 72.67 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान समाप्त होने के बाद कार्मिकों ने सेक्टर मजिस्ट्रेटों की देखरेख में मतपेटियों को सील किया और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें स्ट्रांग रूम तक पहुंचाया। स्ट्रांग रूम के बाहर सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।