उन्नाव। जिला महिला अस्पताल में अब सोडियम और पोटेशियम जांच की सुविधा मरीजों को निशुल्क मिलेगी। शासन स्तर से मशीन भेज दी गई। मशीन इंस्टाल हो गई है, रिजेंट आने के बाद जल्द ही संचालन भी शुरू हो जाएगा। अब तक गर्भवतियों व नवजात बच्चों की बाहर से जांच करानी पड़ती थी।
जिला महिला अस्पताल में रोजाना औसतन 400 महिलाओं की ओपीडी होती है। इसमें 100 से अधिक गर्भवती होती हैं। इसके अलावा लगभग 10 प्रसव होते हैं। कई बार गर्भवतियों व नवजात बच्चों में सुन्नता, मांसपेशियों में कमजोरी, दिल की धडकन में परिवर्तन आदि लक्षण दिखाई देते हैं। लेकिन इसे मापने के लिए मशीन न होने से जांच अस्पताल में नहीं पाती थी। इससे डॉक्टर की सलाह पर मजबूरी में मरीजों को निजी पैथोलॉजी में जांच करानी पड़ती थी। लेकिन अब यह सुविधा अस्पताल में निशुल्क मिल सकेगी।
यह जांच इलेक्ट्रोलाइट्स के स्तर और गुर्दे व हृदय की वर्तमान स्थिति को मापने के लिए की जाती है। मानव शरीर में 135-145 मिली इक्वलेंट लीटर सोडियम और एक लीटर ब्लड में 3.6- 5.2 मिली ग्राम पोटेशियम होना चाहिए। अगर इससे नीचे स्तर है तो स्वास्थ्य पर खतरा रहता है। अब इस जांच की सुविधा मरीजों को आसानी से मिल सकेगी। इसके बाद उनका इलाज किया जाएगा।
यह दिक्कत होने पर कराई जाती हैं जांच
कमजोरी, थकान, मांसपेशियों में ऐंठन, अनियमित हृदय गति, उच्च रक्तचाप, गुर्दे की समस्या, सुस्ती आदि समस्या होने पर डॉक्टर सोडियम व पोटेशियम की जांच कराने की सलाह देते हैं।
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बोलीं सीएमएस
मशीन पैथोलॉजी में मशीन लगवा दी गई है। इंजीनियर को बुलवाकर इंस्टाल भी करवा दिया गया है। रिजेंट आना बाकी है, जल्द ही जांच शुरू हो जाएगी।
- डॉ. फौजिया अंजुम, सीएमएस