वरुणा एक्सप्रेस में धुआं निकलने की जांच करते रेलवे अधिकारी।
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चलती ट्रेन के पहियों से धुआं निकलता देख यात्रियों में अफरातफरी मच गई। लोग ट्रेन के भीतर ही दुबकने लगे और स्टेशन के आने का इंतजार करने लगे। जैसे ही गाड़ी उन्नाव जंक्शन पर रुकी तो यात्री ट्रेन से कूदकर भागने लगे।
लोगों ने जानकारी विभागीय अफसरों को दी। यह सुनकर अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। अधिकारियों ने धुआं निकलने का कारण जाना और आधा घंटे की मशक्कत के बाद ट्रेन को कानपुर के लिए रवाना किया।
शुक्रवार दोपहर 12 बजे वरुणा एक्सप्रेस जैसे ही उन्नाव जंक्शन पहुंची तो उसके कोच संख्या 133447 व 133477 के नीचे पहियों से तेज धुआं निकल रहा था। इन कोचों में सवार यात्री तेजी से ट्रेन से निकलकर प्लेटफार्म की ओर भागने लगे। लोगों ने इसकी जानकारी गाड़ी के ड्राइवर व स्टेशन पर मौजूद रेलवे स्टाफ को दी। ट्रेन के पहियों से धुआं निकलने की बात सुन अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
अधिकारी ट्रेन के पास पहुंचे और धुआं निकलने का कारण जानने लगे। आधा घंटे तक जांच पड़ताल करने के बाद पता चला कि पहियों में लगे ब्रेक-शू जाम होने से यह काफी गर्म हो गए और इनसे धुआं निकलने लगा। कर्मचारियों ने ब्रेक को दुरुस्त किया और ट्रेन को 12 बजकर 38 मिनट पर कानपुर के लिए रवाना किया गया।
ट्रेन मौजूद यात्रियों स्वामी प्रसाद, दिवाकर सिंह, साहिल मौर्य, मधुबाला दीक्षित ने बताया कि वह उसी कोच में थे, जिसके पहियों से धुआं निकला था। धुआं निकलते देख उनके पैरो तले जमीन खिसक गई। बताया कि पहियों से धुआं स्टेशन पहुंचने से काफी पहले से ही निकल रहा था।
स्टेशन अधीक्षक विश्राम ने कहा कि इस घटना में लखनऊ से ही लापरवाही बरती गई। गाड़ी के वहां से चलते समय इसकी जांच न होने से यह घटना घटी। कहा कि काफी मशक्कत के बाद ट्रेन को दुरुस्त करवाकर कानपुर की ओर रवाना कर दिया गया।