उन्नाव। राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए लागू किए जा रहे खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफए) में जारी होने वाले राशनकार्ड, स्मार्टकार्ड के आकार के होंगे। इस स्मार्टकार्ड में कार्डधारकों की उंगलियों और आंखों की रेटिना के निशान होंगे। वहीं, कोटेदारों के यहां पर बायोमैट्रिक मशीन लगाई जाएगी। कार्डधारक को स्वयं राशन लेने जाना होगा। वहां पर अंगूठे का निशान मैच होने पर ही कार्डधारक को राशन मिल पाएगा।
गरीबों तक सस्ते दर पर अनाज पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 दो साल पहले लागू किया था। हालांकि प्रदेश सरकार ने सूबे में उस समय इसे लागू नहीं किया था। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए खाद्य सुरक्षा अधिनियम में महिलाओं को सबल बनाए जाने की योजना थी।
इस अधिनियम के तहत बनने वाला राशनकार्ड घर की महिला मुखिया के नाम से बनाया जाना है। पूर्व में इस अधिनियम के तहत बनने वाले राशनकार्डों के लिए सर्वे किया गया था। सरकार ने फार्मों को ऑनलाइन करने की भी सुविधा दी थी। फार्म या ऑनलाइन आवेदन के समय महिला मुखिया का पहचानपत्र, आधारकार्ड और बैंक स्टेटमेंट की फोटोकॉपी ली गई थी। महिला मुखिया के नाम से फार्म भरने के बाद घर के अन्य सदस्यों का विवरण दर्ज किया गया था।
इधर, शासन ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 को लागू करने की डेडलाइन एक अक्टूबर निर्धारित कर दी है। इसके लिए फार्मों के फीडिंग का काम अंतिम चरण में है। बताया जाता है कि एक अक्टूबर से अधिनियम के लागू होने के साथ ही पात्रों को कम दर से राशन देने की शुरुआत हो जाएगी। हालांकि एनएफए के स्मार्ट कार्ड मार्च 2016 तक कार्डधारकों के हाथ में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुराने कार्डों पर ही लगेगी एनएफए की मुहर
जब तक नए कार्ड जारी नहीं होंगे तब तक मौजूदा समय में जो सफेद, गुलाबी व पीले कार्ड चलन में हैं उन पर एनएफए की मुहर लगाई जाएगी। स्मार्टकार्ड जारी होने में लंबा समय लग सकता है। इसलिए अभी पुराने कार्डों से ही काम चलाया जाएगा। पहले चरण में शहरी क्षेत्र के पात्रों को स्मार्टकार्ड से लैस किया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों को स्मार्टकार्ड उपलब्ध होगा।
पांच लाख लोगों को मिलेगा अधिनियम का लाभ
जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम में ग्रामीण इलाकों से 474734 और शहरी क्षेत्र से 68348 परिवारों को शामिल किया गया है। यानि कुल एनएफए का स्मार्टकार्ड 543082 लोगों को दिया जाएगा। मालूम हो कि जनपद में 1040 गांवों में और 183 शहरी क्षेत्र में राशन की दुकानें हैं।
वर्जन
एनएफए के कार्डधारकों को भविष्य में स्मार्टकार्ड देने की योजना है। राशन वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के लिए निकट भविष्य में सभी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर बायोमैट्रिक मशीनें भी लगाई जाएंगी।- नसीम अख्तर, जिला पूर्ति अधिकारी उन्नाव।