उन्नाव। कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने पाकिस्तान से जुड़े लोगों की तलाश तेज कर दी है। अब तक छह पाकिस्तानी महिलाओं और मेडिकल की पढ़ाई कर रहे छह छात्रों की जानकारी मिली। महिलाएं काफी समय पहले विवाह के बाद यहां आईं थीं। इस बीच शार्ट टर्म वीजा पर भारत आए पाकिस्तान के लोगों की खोजबीन तेज कर दी गई है। इन सभी को 30 अप्रैल के पहले वापस पाकिस्तान जाना होगा।
पहलगाम में पर्यटकों पर आतंकी हमला और उनकी हत्या से पूरे देश में आक्रोश है। वहीं, शासन प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों को पाकिस्तान और कश्मीर से जुड़े लोगों की तलाश में लगाया गया है। इन सभी की कुंडली खंगाली जा रही है। इन लोगों को कई श्रेणियों में बांटा गया है। पहली श्रेणी उनकी है जो शादी के बाद यहां रह रहे हैं। दूसरी श्रेणी में वह लोग हैं जो अलग-अलग व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में पढ़ाई के लिए यहां आए हें। तीसरी श्रेणी में वह लोग हैं जो शार्ट टर्म मेडिकल या टूरिस्ट वीजा पर घूमने या इलाज कराने यहां आए हैं।
पुलिस और एलआईयू की अब तक की जांच में जिले में छह पाकिस्तानी महिलाएं मिलीं हैं जो शादी कर भारत आईं और लंबे समय से यहीं रह रही हैं। इसमें पांच सदर कोतवाली और एक आसीवन क्षेत्र में हैं। हालांकि अब उनकी उम्र काफी हो चुकी है। अब तक उन पर कोई आरोप भी नहीं लगा है। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर उनकी गतिविधियों पर पुलिस नजर रख रही है।
एसपी दीपक भूकर ने बताया कि पाकिस्तान से जुड़े लोगों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कश्मीर से आकर यहां रहे रहे लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान दिया जा रहा है। अल्पकालिक वीजा से जुड़े लोगों के बारे में संबंधित एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी गई है। (संवाद)
अल्पकालिक वीजा से आए लोगों की चल रही जांच
उन्नाव। पाकिस्तान से व्यवसायिक गतिविधियों के साथ अध्ययन, स्वास्थ्य या फिर यात्रा के उद्देश्य से अल्पकालिक वीजा पर आए लोगों का पता लगाया जा रहा है। यह वीजा आमतौर पर 90 दिनों से कम समय के लिए होता है। पहलगाम हमले के बाद ऐसे लोगों को 30 अप्रैल से पहले वापसी के आदेश सरकार ने दिए हैं। उसके बाद वीजा मान्य नहीं होगा। एलआईयू इंस्पेक्टर मुकेश यादव ने बताया कि जांच कराई जा रही है। अभी स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता कि जिले में इस वीजा पर कितने लोग रह रहे हैं। (संवाद)
एक मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहे छह कश्मीरी छात्र
उन्नाव। जिले के एक मेडिकल कॉलेज में छह कश्मीरी छात्रों के पढ़ाई करने का भी एलआईयू को पता चला है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां उनकी सुरक्षा और उनसे जुड़े अभिलेख खंगाल रही हैं। नाम न छापने की शर्त पर कॉलेज प्रबंधन ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई में नौ सेमेस्टर होते हैं। सभी छात्र अलग-अलग सेमेस्टर के हैं। जानकारी में आने के बाद उनका डाटा निकलवाया जा रहा है। जिन अधिकारियों ने डाटा मांगा है उन्हें उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि यह पता लग सके कि वह वाकई पढ़ाई करने के उद्देश्य से ही यहां हैं या नहीं। (संवाद)