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राम घर जाता है का संस्कृत, अंग्रेजी अनुवाद नहीं कर सकीं शिक्षिकाएं

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उन्नाव। विकासखंड सिकंदरपुर सरोसी के उच्च प्राथमिक विद्यालय लोहारखेड़ा द्वितीय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे सीडीओ के सामने एक सामान्य वाक्य का संस्कृत पढ़ाने वाली प्रधान शिक्षिका ही अनुवाद नहीं कर सकीं। यही नहीं, कक्षा 8 के बच्चे भी इस वाक्य का संस्कृत व अंग्रेजी अनुवाद नहीं बता सके। इस पर सीडीओ ने तुरंत प्रधान व सहायक शिक्षिकाओं के निलंबित करने की संस्तुति करते हुए बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए।
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शनिवार दोपहर 12.45 बजे सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति लोहारखेड़ा द्वितीय उप्रा विद्यालय पहुंचे। यहां पर कुछ बच्चे अपनी कक्षा में तो कुछ बाहर परिसर में खेलते मिले। कक्षाओं में काफी शोरगुल हो रहा था। वहीं, सभी अध्यापक एक ही कक्ष में मौजूद मिले। सीडीओ कक्षा 6 में गए तो वहां पर पंजीकृत 41 बच्चों के सापेक्ष 25 उपस्थित मिले। कक्षा 7 में 26 में मात्र 10 बच्चे आए थे। कक्षा 8 में पंजीकृत 38 बच्चों में मात्र 12 के उपस्थित होने की जानकारी मिलने पर सीडीओ नाराज हो गए। इसी बीच वह कक्षा 8 के कक्ष में पहुंचे। जहां उन्होंने बच्चों से राम घर जाता है वाक्य का संस्कृत एवं अंग्रेजी में अनुवाद पूछा। इस पर बच्चे शिक्षिका का चेहरा देखने लगे। इस पर सीडीओ ने विद्यालय की प्रधान व संस्कृत पढ़ाने वाली शिक्षिका सुनीता कुमारी व अंग्रेजी पढ़ाने वाली सहायक अध्यापिका रश्मि सिंह से इस वाक्य का अनुवाद करने को कहा।
दोनों ही शिक्षिकाएं अनुवाद करने में फेल साबित हुईं। सीडीओ ने तुरंत दोनों शिक्षिकाओं को निलंबित और विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता का सतत परीक्षण न करने पर बीईओ सिकंदरपुर सरोसी को विशेष मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश दिए। जांच के दौरान सीडीओ को किचन के पास गंदा पानी व कूड़े का ढेर पड़ा मिला। मुख्य मार्ग से भराई गई मिट्टी की लेबलिंग नहीं मिली। कक्षाओं के फर्श आदि टूटे थे। उसके अंदर पुरानी ईंटें भी रखी मिलीं। उन्होंने बीईओ को विद्यालय का कायाकल्प योजना से सुंदरीकरण कराने जाने के आदेश दिए।
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