शहर के सिविल लाइंस इलाके में चोरों ने एक ही रात दो घरों को निशाना बनाया। चोरों ने आईटीआई के रिटायर्ड लिपिक व टीचर के घर पर धावा बोलकर जेवर-नगदी समेत तीस लाख का माल पार कर दिया। सूचना पर पहुंचे सीओ सिटी ने तफ्तीश की। स्नीफर डॉग की भी मदद ली गई, लेकिन वह घर के भीतर और छत पर चक्कर काटकर बैठ गया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आईटीआई से रिटायर्ड लिपिक जितेंद्र कुमार पांडेय का सिविल लाइंस में मकान है। सोमवार की रात छत के रास्ते चोर जीने से नीचे उतर गए। कमरे में सो रहे जितेंद्र पांडेय के कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर लिया। पास के कमरे में सो रहे उनके बेटे आशीष के कमरे की कुंडी बाहर से लगाकर चोरों ने दूसरे कमरे का ताला तोड़ दिया। कमरे में अलमारी व लॉकर तोड़कर उसमें रखे छह लाख रुपये नगद और 750 ग्राम वजन के सोने के जेवर और चांदी के जेवरातों समेत करीब 30 लाख का माल पार कर दिया। सुबह परिजन सोकर उठे तो दरवाजा बाहर से बंद पाया। इसके बाद दस्तक दी तो बाहर के कमरे में सो रहे सबसे छोटे बेटे प्रवीण पांडेय की नींद खुली। बेटे ने दरवाजे खोलकर परिजनों को निकाला और पुलिस को घटना की सूचना दी। लिपिक के घर घटना को अंजाम देने के बाद चोरों ने शिक्षक के बंद पड़े मकान में हाथ साफ किया। जितेंद्र पांडेय के पड़ोस में कानपुर केंद्रीय विद्यालय के टीचर संतोष कुमार पाल रहते हैं। शिक्षक के घर में खिड़की की ग्रिल काटकर घुसे चोरों ने हजारों का माल पार कर दिया। घर में चोरी की सूचना पर पहुंचे संतोष ने बताया कि चोर घर की अलमारी में रखे दस हजार रुपये और सोने की चेन ले गए हैं। उन्होंने बताया कि पैतृक मकान में उनकी मां रामरती ही रहती हैं। नौकरी के चलते वह और पत्नी रंजीता पाल व बच्चे कानपुर सेंट्रल स्कूल कैंपस में ही रहते हैं। उन्होंने बताया इधर कुछ दिन से मां की तबीयत खराब थी। सोमवार को वह मां को लेकर कानपुर चले गए थे। यहां घर में ताला बंद था। उधर, पीड़ित जितेंद्र कुमार ने बताया कि घर में पत्नी मधुबाला पांडेय के अलावा दो बहुओं और साले के जेवर रखे थे। सीओ सिटी आरके सिंह व कोतवाली प्रभारी प्रदीप यादव ने बताया कि घटना की रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है।
14 फरवरी पेज नंबर 3 में छपी ‘शातिर चोर-लुटेरे गिरोह का डेरा’ पीडीएफ
ताबड़तोड़ वारदातें, तरीका एक जैसा
रिटायर्ड लिपिक व पड़ोसी शिक्षक के मकान में चोरी फरवरी माह में छठवीं वारदात है। हाल के दिनों में हुई चोरी की सभी घटनाओं में चोरों ने घटना की शुरुआत से लेकर आखिर तक एक ही तरीका अपनाया है। 12 फरवरी को शहर कोतवाली के ललऊ खेड़ा गांव में सर्राफा व्यापारी के घर 32 लाख की चोरी हो या 10 फरवरी को बांगरमऊ में बिजली के कर्मी घर 20 लाख की वारदात। सभी जगहों पर चोर बिना मारपीट व खूनखराबे के छाते के रास्ते मकान में दाखिल हुए व कमरों की कुंडी बाहर से बंद कर माल समेट कर चलते बने और घर वालों को पता तक नहीं चला। स्थानीय पुलिस भी गिरोह चिह्नित न हो पाने से परेशान है। एसपी नेहा पांडेय ने सीओ और कोतवाली प्रभारी को घटनाओं का जल्द से जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुरानी घटनाओं का खुलासा न होने पर भी काफी नाराजगी जताई।
हाल में हुईं चोरी की कुछेक बड़ी वारदातें
12 फरवरी-शहर कोतवाली के गांव ललऊ खेड़ा में सर्राफा व्यापारी के घर 32 लाख की चोरी।
10 फरवरी- बांगरमऊ में बिजली के कर्मी घर 20 लाख की चोरी।
08 फरवरी-सफीपुर के इंधनीमऊ गांव के किसान के यहां आठ लाख की चोरी।
05 फरवरी- शहर के पीडी नगर में टायर एजेंसी का शटर काटकर लाखों की चोरी।
04 फरवरी- असोहा के बरेला गांव में किसान सजीवन लाल के घर डकैती।
17 जनवरी- सफीपुर के गोपालपुर में रिटायर्ड अमीन श्रीधर अवस्थी के यहां 8 लाख की चोरी।
15 जनवरी- बांगरमऊ के लतीफुर में अवधेश यादव के यहां 6 लाख की चोरी।
14 जनवरी- अजगैन के मकूर गांव में राघवेंद्र सिंह के घर 10 लाख की चोरी।