उन्नाव। सजायाफ्ता पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों में पेशी होने से शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच तिहाड़ जेल से न्यायालय लाया गया। पुलिस ने न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत कर बयान दर्ज कराए। मालूम हो कि न्यायिक अभिलेखों में हेराफेरी कर जमानत लेने में पीड़िता के चाचा को दस साल की सजा हुई थी।
दिल्ली पुलिस शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे कड़ी सुरक्षा में दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को जिला सत्र न्यायालय लेकर पहुंची और जिला जज की न्यायालय में पेश किया। बयान दर्ज किए गए। मालूम हो कि आरोपी ने न्यायिक अभिलेखों में सफेदा लगाकर नाम बदलकर उच्च न्यायालय के आदेश में संशोधन कर लाभ लिया था।
मामला पकड़े जाने पर न्यायालय लिपिक को निलंबित कर दिया गया था और आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। दिल्ली से लाई पुलिस बयान दर्ज कराने से पहले सदर कोतवाली लॉकअप में रखा। दोपहर बाद उसे न्यायालय लाई। इसके साथ ही दो अन्य मामलों में भी पेशी हुई। जिसमें एक मामला मानहानि से संबंधित है और दूसरा पुलिस को झूठी सूचना देकर सीबीआई के गवाह की मौत के बाद उसकी कब्र से शव निकलवाने का है। इन दोनों मुकदमों में भी अगली पेशी तारीख दस जुलाई तय की गई है। दुष्कर्म पीड़िता के चाचा की पेशी को लेकर न्यायालय परिसर में पुलिस का कड़ा सुरक्षा घेरा रहा। सीओ के अलावा पुलिस और पीएसी के जवान भी तैनात रहे। इस दौरान दिल्ली पुलिस के अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ भी मौजूद रहे।
कब्र खुदवाने के मुकदमे में एक घंटे चली जिरह
दुष्कर्म प्रकरण में सीबीआई के गवाहों में शामिल युनूस की 18 अगस्त 2019 को संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। शुक्रवार को एसीजेएम प्रथम के न्यायालय में सुनवाई हुई। सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर व दुष्कर्म पीड़िता के गांव में ही रहने वाले सीबीआई के मुख्य गवाहों में शामिल यूनुस की 18 अगस्त 2019 को मौत के बाद पीड़िता के चाचा ने माखी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए विधायक पक्ष के लोगों पर गवाह की हत्या करने और बिना पोस्टमार्टम शव को दफ्न किए जाने का आरोप लगाया था। चाचा की शिकायत पर न्यायालय के आदेश पर यूनुस के शव पुलिस ने कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराया था। बीमारी से मौत की पुष्टि हुई थी। इसी के बाद दिवंगत के भाई ने पीड़िता के चाचा पर भी साजिशन शव को खोदवाने समेत अन्य आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता के चाचा ने पेशी के दौरान, दिवंगत गवाह यूनुस की पत्नी शबीना के बयान के बाद वादी पक्ष की जिरह होनी थी। चाचा ने स्वयं दिवंगत की पत्नी से करीब एक घंटे तक जिरह करते हुए एक के बाद एक कई सवाल किए। जिरह के बाद एसीजेएम प्रथम रुचि श्रीवास्तव ने सुनवाई अगली तारीख दस जुलाई की तय की है।