अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में डायरिया व अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों के हाथ में वीगो लगाने के लिए टेप के स्थान पर पट्टी बांधी जा रही है। हाथ से वीगो न निकले इसके लिए तीमारदार कई घंटे तक मरीज का हाथ पकड़कर बैठे रहते हैं। इमरजेंसी वार्ड के स्टाफ का कहना है कि वह हर रोज दस टेप का आर्डर भेजते हैं, स्टोर से दो से अधिक टेप नहीं मिल पा रहे। शनिवार रात टेप के स्थान पर हाथ में पट्टी बांधने पर एक मरीज ने हंगामा भी किया।
जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही मरीजों के लिए मुसीबतें खड़ी कर रही है। अस्पताल में मरीजों को न दवाएं मिल पा रहीं और न ही बेड। मरीजों की संख्या बढ़ने पर एक बेड पर दो- दो मरीजों को लिटाया जा रहा है। अब मरीजों के हाथों में वीगो लगाने के लिए टेप नहीं रही। शनिवार रात शहर के शांती नगर में रहने वाले अरविंद (21) को डायरिया से पीड़ित होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्टाफ नर्स ने वीगो लगाने के बाद टेप के स्थान पर पट्टी बांधी तो अरविंद ने हंगामा शुरू कर दिया। अस्पताल के स्टाफ ने मरीज को समझा बुझाकर शांत कराया।
सीएमएस डा. एसपी चौधरी ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। वह इमरजेंसी वार्ड में पर्याप्त मात्रा में टेप उपलब्ध कराएंगे।
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अस्पताल में भर्ती हुए डायरिया पीड़ित 9 बच्चे
जिला अस्पताल में शनिवार रात डायरिया से पीड़ित 9 बच्चों को भर्ती कराया गया। इसके अलावा रविवार दोपहर हीट स्ट्रोक का शिकार हुए एक युवक को भी अस्पताल में लाया गया। डाक्टरों के अनुसार भीषण गर्मी में बच्चों के शरीर में पानी की कमी व खान पान में लापरवाही से वह डायरिया की चपेट में आ रहे हैं।