उन्नाव। बुजुर्गों को जीवन प्रमाणपत्र के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। डाक विभाग ने घर-घर जाकर प्रमाणपत्र देने की व्यवस्था शुरू की है। ग्रामीण डाक सेवक एवं डाकियों के माध्यम से पेंशनरों को घर बैठे इस सुविधा का लाभ दिया जा रहा है, जिसका शुल्क मात्र 70 रुपये है।
कानपुर मंडल के डाक अधीक्षक सर्वेश कुमार ने बताया कि अब बुजुर्गों को पेंशन के लिए जरूरी जीवन प्रमाण पत्र पाने के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। डाक विभाग एवं विभागीय इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक 31 दिसंबर तक अभियान चलाकर जीवन प्रमाणपत्र बना रहा है। सुविधा के तहत घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बनवाने की सुविधा मिलेगी। यह सुविधा शहरी, ग्रामीण के अलावा उपडाकघर एवं शाखा डाकघरों में उपलब्ध है।
पेंशनधारकों का खाता किसी भी बैंक में होगा लेकिन डाकघर जीवन प्रमाणपत्र देगा। यदि पेंशनधारक घर बैठे इस सुविधा को चाहते हैं तो उन्हें पोस्टइंफो एप के सर्विस एवं रिक्वेस्ट विकल्प में जाकर एक रिक्वेस्ट देनी होगी। फिर संबंधित क्षेत्र का पोस्टमैन पेंशनधारक से संपर्क कर उसका जीवन प्रमाणपत्र उसी के घर पर जाकर बनाएगा। बताया कि यूआईडीएआई इस अभियान में तकनीकी सहायता दे रहा है। बुजुर्ग पेंशनभोगियों के लिए चेहरे सत्यापन को ज्यादा बेहतर एवं आसान बना दिया गया है। विभाग द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शिविर भी लगाए जा रहे हैं। अधीक्षक के मुताबिक, सभी ग्रामीण डाक सेवक एवं डाकिये मोबाइल फोन से लैस हैं। इनका उपयोग फिंगर बायोमैट्रिक व चेहरा सत्यापन तकनीक का उपयोग कर प्रमाणपत्र जारी करने के लिए किया जाएगा। इसके लिए एक विशेष पोर्टल jeevanpramaan.gov.in भी बनाया गया है। इससे सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।