उन्नाव। दलित युवती की हत्या का मामला रविवार सुबह एकबार फिर चर्चा में आ गया। युवती के परिजन रविवार को मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे। इसकी भनक लगते ही पुलिस उन्हें पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय ले गई। किसी ने पुलिस की तरफ परिवार को बंधक बनाने की बात कहते हुए वीडियो वायरल कर दिया। एएसपी ने एसओजी कार्यालय पहुंचकर युवती के परिजनों को शासन को भेजा गया पत्र दिखाया। उसके बाद सभी लोग घर लौट गए।
शहर की एक कॉलोनी निवासी दलित युवती के अपहरण और हत्या के मामले में पूर्व राज्यमंत्री व सपा नेता दिवंगत फतेह बहादुर सिंह के बेटे रजोल, अशोक समेत छह लोगों को पुलिस अब तक जेल भेज चुकी है। युवती की मां व परिवार के लोगों ने रविवार को लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की योजना बनाई। वह लोग घटना में दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई, मृत बेटी का आधार कार्ड व अन्य प्रपत्र खोजने, सरकारी नौकरी व मुआवजा मिलने में हो रही देरी की शिकायत करने जा रहे थे।
इसकी भनक लगते ही रविवार को पुलिस टीम मृतका के घर पहुंची और उसकी मां व अन्य लोगों को रोक लिया। वहां से सभी को पुलिस टीम अपने साथ पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय ले आई।
एएसपी शशि शेखर सिंह भी परिवार की बात सुनने एसओजी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने आर्थिक मदद के लिए जिला प्रशासन की ओर से शासन को भेजा गया पत्र दिखाया। इसके बाद एसओजी टीम परिवार को लेकर मुकदमे की विवेचना कर रहे बांगरमऊ सीओ विक्रमाजीत सिंह के पास ले गई। सीओ ने अब तक की गई कार्रवाई और तफ्तीश के बारे में परिजनों को बताया। स्वॉट प्रभारी गौरव कुमार ने बताया कि मृतका के परिजन जो जानकारी चाहते थे वह उन्हें दी गईं। इसके बाद सभी लोग घर चले गए।