ट्वीट के जवाब में पुलिस ने चोरों के असफल रहने और पीड़ित द्वारा कार्रवाई न चाहने का किया पोस्ट ।
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उन्नाव। चोरी की घटना के ट्वीट पर पुलिस ने कहानी गढ़ी है। मगरवारा चौकी पुलिस ने अपनी गर्दन बचाने के लिए दो दिन पूर्व हुई लाखों की चोरी की घटना में उच्चाधिकारियों को गुमराह किया। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर सादे कागज पर अंगूठा लगवाया और उसकी ओर से किसी तरह की कार्रवाई न चाहने की बात लिखकर मामले पर पर्दा डाल दिया। खुलासा तो दूर दो दिन बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
सदर कोतवाली के मगरवारा निवासी नफीस पुत्र अब्दुल शकूर के अनुसार 25 अगस्त की रात चोरों ने उसके घर को निशाना बना 40 हजार की नगदी और जेवर समेत लाखों का माल पार कर दिया। अगले दिन उसने मगरवारा चौकी में तहरीर दी। जिसमें चोरी गए सामान का विवरण देकर रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। क्षेत्रीय लोगों ने चोरी की घटना को पुलिस के उच्चाधिकारियों को ट्वीट कर दिया। जवाब में मगरवारा चौकी पुलिस ने पीड़ित के आरोपों को ही बदल दिया। ट्वीट में पुलिस ने जवाब दिया कि नफीस ने तहरीर में चोरी का प्रयास का मामला होने और कोई कार्रवाई न चाहने की बात लिखी है।
पुलिस अधिकारियों को ट्वीट के जरिए दिए गए जवाब की जानकारी जब पीड़ित नफीस को हुई तो वह सन्न रह गया। उसने बताया कि चौकी में पुलिस उसके द्वारा दी गई तहरीर लेने के साथ ही कार्रवाई का आश्वासन देकर एक सादे कागज पर अंगूठा लगवा लिया था। आरोप है कि पुलिस ने अंगूठा लगे सादे कागज पर मनगढंत बात लिखकर खुद को बचाने का प्रयास किया है। नफीस ने बताया कि कार्रवाई न हुई तो वह एसपी व लखनऊ में उच्चाधिकारियों से शिकायत करेगा।
ट्वीट पर पुलिस का जवाब
उन्नाव पुलिस की ओर से ट्वीट में जवाब के तौर पर लिखा गया कि ट्वीट में पोस्ट किया गया प्रार्थना पत्र थाना पुलिस को प्राप्त नहीं हुआ है। बल्कि नफीस द्वारा प्रभारी निरीक्षक को जो प्रार्थना पत्र दिया गया है उसमें चोरों द्वारा चोरी का किया गया प्रयास असफल रहने की बात अंकित है। उक्त संबंध में प्रार्थी कोई कार्रवाई नहीं चाहता।
पूर्व प्रधान ने एसपी से की शिकायत
मगरवारा के पूर्व प्रधान चंद्रजीत यादव ने बताया कि पुलिस द्वारा चोरी की तहरीर बदले जाने की शिकायत उसने एसपी के सीयूजी नंबर पर की है। उनकी ओर से कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
सीओ बोले
सीओ सिटी कृपाशंकर ने बताया कि घटना की जानकारी नहीं है। पीड़ित अपनी शिकायत उनके कार्यालय आकर कर सकता है। यदि चौकी पुलिस की भूमिका कहीं से भी संदिग्ध मिली तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।