बारातशाला में खुला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
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नगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अस्थायी रूप से बारातशाला में स्थापित किया गया है। नए स्थान पर जगह कम है। इससे स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के साथ ही मरीजों और तीमारदारों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां केवल ओपीडी और दवाओं का वितरण हो रहा है। प्रसव ग्राम सुलतानपुर न्यू पीएचसी में होंगे। नसबंदी आपरेशन जोगीकोट एएनएम सेंटर में किए जाएंगे। पीएचसी का मुख्य कार्यालय व नेत्र विभाग पुराने परिसर में ही संचालित रहेगा।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से करीब 25 हजार आबादी वाले नगर के अलावा सुल्तानपुर, लहरापुर, देवरिया, कुशराजपुर, चोरहा, देवखरी, आलमऊ सराय, मेलारामकुंवर, खैरहन, फ तेहपुर खालसा, हामजा, रघुरामपुर, हसनापुर, बरौंकी, कपूरपुर सहित दो दर्जन से अधिक गांवों के लोग जुड़े हैं। नगर पंचायत के अध्यक्ष इकबाल हसन अंसारी के प्रयासों के बाद तीन वर्ष पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर दिया गया। जगह की कमी के कारण दूसरी जगह पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन नहीं बन सका। आखिर में उच्चाधिकारियों ने इसी स्थान पर ही पुराने मलबे को हटवाकर परिसर में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बनाने पर अपनी मुहर लगा दी। पिछले पखवारे पुराने खंडहर के मलबे को हटवाकर पुराने भवन को गिराने के लिए नीलामी हो चुकी है। भवन को गिराने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके लिए पुराने भवन को सोमवार को खाली कर दिया गया। अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगर के मोहल्ला जौकनगर में नवनिर्मित बारातशाला में अस्थायी रूप से स्थापित कर दिया गया है।
बारातशाला में तीन कमरे हैं। इससे यहां ओपीडी का ही काम हो पा रहा है। मरीजों की जांच और दवाओं का वितरण शुरू किया गया है। प्रसव नगर से दो किमी. दूर सुल्तानपुर के मातृ शिशु कल्याण केंद्र में कराए जाएंगे। नसबंदी आपरेशन नगर से करीब 10 किमी. दूर ग्राम जोगीकोट के मिनी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में होंगे। केंद्र का मुख्य कार्यालय पुराने भवन में ही संचालित होगा। 108 व 102 एंबुलेंस गाड़ियां नगर के गांधी मैदान के एक प्राइवेट मकान से संचालित होंगी। सबसे बड़ी समस्या परिसर में बने भवनों में स्थायी रूप से रहने वालों के सामने है। इन कर्मचारियों ने किराए पर कमरे ले लिए हैं। सीएमओ डाक्टर भूपेंद्र नाथ श्रीवास्तव ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने का काम पूरा करने के लिए मार्च 2017 की समय सीमा तय की गई है।