उन्नाव। कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों की हो रही मौतों के आंकड़े में कमी लाई जाए। डॉक्टर हर संभव इसका प्रयास करें। वहीं, होम आइसोलेट हो रहे मरीजों को बगैर मेडिकल किट के घर में न रोका जाए। इसमें लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट के पन्नालाल हाल सभागार में सीएमओ, सरस्वती मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों, आईएमए के पदाधिकारियों को डीएम रवींद्र कुमार ने निर्देश दिए कि कोविड मरीजों को बचाने के पूरे प्रयास किए जाएं। सरस्वती मेडिकल कालेज कोविड एलटू अस्पताल में जो संसाधन वर्तमान में उपलब्ध हैं उन्हीं से रोगियों को बचाया जाए। सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों में यूरोलॉजिस्ट, फिजीशियन, कोर्डियोलॉजिस्ट, एनेस्थीसिया जैसे डॉक्टरों की व्यवस्था जल्द से जल्द कराई जाए। अस्पताल में जिन संसाधनों की कमी है उनकी तत्काल व्यवस्था की जाए। गंभीर रोगियों को तत्काल रेफर किया जाए। मरीज और डॉक्टर के बीच सामंजस्य बनाकर काम किया जाए।
औषधि निरीक्षक अजय संतोषी ने मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना मरीजों को किट 1100 रुपये में उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए जिले में 27 मेडिकल स्टोर चिह्नित किए गए हैं। मेडिकल स्टोर के प्रबंधकों को निर्देश दिए कि दवा खरीदने वालों का एक रजिस्टर तैयार कराया जाए। जिसमें उसका पूरा ब्योरा होना अनिवार्य है। इस दौरान एडीएम राकेश गुप्ता, सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।