संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। नगर पालिका प्रशासन काम कराने के बावजूद आउटसोर्स कर्मचारियों को मानदेय का भुगतान करने में हीलाहवाली कर रहा है। गुस्साए वाहन चालक सहित अन्य कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रदर्शन कर पारिश्रमिक मांगा। अधिशासी अधिकारी ने बुधवार को भुगतान का आश्वासन दिया। इस पर कर्मचारी काम पर लौटे।
नगर पालिका ने सफाई सहित वाहन चालक व पेपर वर्क कराने के लिए विभिन्न फर्मों से करीब चार सैकड़ा कर्मचारियों को आउटसोर्सिंग के माध्यम से लगा रखा है। कोविड प्रकोप शुरू होने से पहले तक इन कर्मचारियों को समय पर भुगतान प्राप्त हो रहा था, लेकिन इधर किसी का चार तो किसी का छह माह से वेतन लंबित चल रहा है। पिछले दिनों संघर्ष के बाद कर्मचारियों को केवल एक माह का वेतन भुगतान कराने को कहा गया था, लेकिन इधर दिसंबर माह के 21 दिन बीत जाने पर भी मानदेय नहीं मिल सका है।
मंगलवार को दूसरे दिन भी कर्मचारी पालिका पहुंचे और यहां भुगतान न मिल पाने पर लेखा कार्यालय के बाहर निकल कर नारेबाजी करने लगे। यही नहीं कर्मचारियों में शामिल वाहन चालकों ने पालिका के वाहन बेड़े में शामिल गाड़ियां नहीं निकाली। इससे सुबह कूड़े की उठान नहीं हो सकी। दोपहर को अधिशासी अधिकारी डा. आरपी श्रीवास्तव ने बुधवार को भुगतान कराने का भरोसा दिलाते हुए कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिए तैयार कर लिया। इससे जगह-जगह एकत्र कूड़ा उठना शुरू हो सका।
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सभासदों ने किया समर्थन
उन्नाव। आउटसोर्स कर्मियों के प्रदर्शन के दौरान आवास विकास कालोनी के सभासद मुन्ना सिंह व मोती नगर के ब्रजेश पांडेय मौके पर पहुंच गए। इस दौरान कर्मचारियों की बात सुनकर सभासदों ने भी अधिशासी अधिकारी से बात करते हुए भुगतान की मांग को जायज बताया। उन्होंने भुगतान न मिलने पर कर्मचारियों को संघर्ष में साथ देने का भरोसा भी दिलाया।