मंडी परिषद सचिव सुधीर सिंह को ज्ञापन देते व्यापारी। संवाद
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उन्नाव। कृषि कानून खत्म होने के बाद शासन ने मंडी शुल्क की पुरानी व्यवस्था फिर लागू कर दी है। अब व्यापारियों ने इसका भी विरोध शुरू कर दिया है। सोमवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष की अगुवाई में व्यापारियों ने कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय पर प्रदर्शन किया। बाद में मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन मंडी समिति सचिव सुधीर सिंह को दिया।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बृजेश पांडेय के नेतृत्व में पदाधिकारी कृषि उत्पादन मंडी समिति कार्यालय पहुंचे। यहां कृषि कानूनों की वापसी के बाद दोबारा लागू हुई मंडी शुल्क की पुरानी व्यवस्था पर विरोध जताया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि निकटवर्ती अन्य राज्यों में मंडी शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में यहां दोबारा लागू किया जाना व्यापारियों के साथ अन्याय है। पिछले साल पांच जून को शुल्क समाप्ति के बाद प्रदेश में तमाम नए उद्योग स्थापित हुए। वह सब भी खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। मंडियों मे यूजर चार्ज के रूप मे आधा प्रतिशत शुल्क वाले संगठन के पुराने निर्णय को लागू करने की बात कही। विधान सभा चुनावों के दृष्टिगत चुनाव आयोग की ओर से मंडी स्थल अधिगृहीत किये जाने पर विरोध दर्ज कराया गया।
कहा कि मंडियों के अधिगृहीत हो जाने से व्यापारियों का आर्थिक नुकसान होता है। चुनाव बाद भी कई दिनों तक मंडी बंद रहती है। इसका व्यापारियों को कोई मुआवजा नहीं मिलता है। इस दौरान जिलामंत्री राजेश कुमार, कोषाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, आयुष शुक्ला, महिला इकाई जिलाध्यक्ष सरिता सिंह चौहान, नगर अध्यक्ष देवेंद्र शंकर बाजपेई, उपाध्यक्ष शिवांग मिश्रा, निशांत शुक्ला, नैना जायसवाल, निशेष जायसवाल, नवनीत पांडेय, नीतू मिश्रा, अनूप सैनी, संतोष पाल व प्रसन्न मिश्रा उपस्थित रहे।