पच्चीस रुपये की चोरी के शक में चक्की कारखाना संचालक का बेटा कक्षा 10 के छात्र को कोचिंग से खींच लाया और बारातघर के एक कमरे में बंद करके पीटा। छात्र ने चोरी नहीं कबूली तो उस पर लैंप का तेल डालकर आग लगा दी। छात्र को जलता देख उसके होश उड़े तो आनन-फानन खुद ही आग बुझाई। इस प्रयास में वह भी झुलस गया।
बच्चे को बीघापुर पीएचसी भी पहुंचा दिया। यहां से उसे जिला अस्पताल भेजा गया, जहां हालत बिगड़ने पर कानपुर के हैलट अस्पताल रिफर कर दिया गया। एसपी पवन कुमार का कहना है कि छात्र की मां के इस आरोप की पुलिस जांच कर रही है।
छात्र के बयान दर्ज करने के लिए एक टीम हैलट गई है। उधर चक्की संचालक के बेटे का कहना है कि उसने छात्र को कमरे में बंद जरूर किया था, पर आग उसने खुद लगाई है।
बारासगवर थाना क्षेत्र के तेज सिंह खेड़ा गांव का संजय उर्फ बब्बी (15) पुत्र छेदीलाल रैदास निहाली खेड़ा के विवेकानंद स्कूल में हाईस्कूल का छात्र है। वह गांव के ही टीचर मलखान सिंह की कोचिंग में पढ़ता है। संजय रविवार सुबह कोचिंग में पढ़ रहा था।
इसी दौरान कोचिंग के पास स्थित चक्की कारखाना चलाने वाले जीत बहादुर सिंह का बेटा मोहित पहुंचा और संजय पर चक्की की पेटी से 25 रुपये चोरी करने का आरोप लगाया और उसे खींचते हुए कारखाने के पीछे बारातघर ले गया, जहां कमरे में बंद करपीटा।
उसकी मां का आरोप है कि सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक मोहित ने संजय को कमरे में बंद रखा और कई बार पीटा। दोपहर दो बजे मोहित ने संजय पर लैंप का मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी। संजय को आग की लपटों में घिरा देख मोहित के हाथ-पांव फूल गए और उसने आग बुझाने का प्रयास किया। इससे उसके हाथ जल गए।
जानकारी होने पर दोनों के परिजन पहुंचे और उन्हें बीघापुर सीएचसी पहुंचाया। यहां मरहम पट्टी के बाद मोहित को घर भेज दिया गया। संजय को जिला अस्पताल से हैलट अस्पताल रिफर कर दिया गया।