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हाईवे पर छुट्टा मवेशियों से आए दिन हादसे

Fri, 05 Aug 2016 12:25 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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हाईवे पर छुट्टा मवेशी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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हाईवे पर लखनऊ से कानपुर के बीच जिले की सीमा में नवाबगंज कसबा, सोहरामऊ, अजगैन, सोनिक, दहीचौकी, गदनखेड़ा, गहिरा और आजाद मार्ग के आसपास हजारों की संख्या में छुट्टा मवेशी हाईवे और बीच में बने डिवाइडर पर जमे रहते हैं। वहीं अजगैन कस्बे में हाईवे पर जानवरों की वजह से रोजाना वाहन दुर्घटनाग्रस्त होते हैं। चौपहिया वाहन सवार तो किसी तरह से खुद को बचा लेते हैं, लेकिन दोपहिया वाहन सवार चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। कई को तो अपनी जान भी गवानी पड़ती है। पिछले हफ्ते ग्राम कुसुंभी निवासी मतोले व रामू का जानवरों से बचने के प्रयास में एक्सीडेंट हुआ था। सिर में चोट लगने से रामू की मौत ही हो गई थी जबकि मतोले अस्पताल में अभी भी जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहा है।

शहर के सभी मुख्य मार्गों पर रहता जमावड़ा
शहर का भी हाल खराब है। मुख्य मार्ग पर सब्जी मंडी, बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, मोतीनगर, बाईपास, बस स्टाप के आसपास सैकड़ों छुट्टा मवेशी घूमते रहते हैं। अक्सर रोड पर पड़ी खाने पीने की चीजों को लेकर मवेशियों के टकराव में कई बार वाहन सवार चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। अकेले जून, जुलाई में आवारा जानवरों की चपेट में दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं वहीं कई लोग मौत के मुंह में समा चुके हैं। इन आवारा जानवरों को पकड़ने की कोई कारगर योजना भी अभी तक नगर पालिका की ओर से नहीं बनाई गई है।
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उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर आए दिन होते हादसे
उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर आवारा जानवर लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। रोड पर पड़ने वाले अकरमपुर, मगरवारा व सहजनी में सैकड़ों की संख्या में आवारा जानवर घूमते रहते हैं। इनकी चपेट में आकर प्रतिदिन बाइक सवार घायल हो रहें हैं। अभी हाल ही में मवेशी को बचाने के चक्कर में ही मगरवारा निवासी एक युवक की कार पलटकर खंती में जा गिरी थी। इसमें एक युवक की मौत व कई लोग घायल हुए थे।
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बोले जिम्मेदार, लगातार चल रहा है अभियान
हाइवे व शहर के मुख्य मार्गों के अलावा गलियों में घूम रहे छुट्टा मवेशियों के बारे में नगर पालिका ईओ उमेश कुमार मिश्रा ने कहा कि जानवरों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जा रहा है। तीन माह में करीब दो सैकड़ा से अधिक मवेशियों को पकड़ा जा चुका है। आगे भी अभियान जारी रहेगा। वहीं अधिशाषी अधिकारी नवाबगंज रेनू यादव ने बताया कि दो महीने पहले करीब दो सौ जानवरों को कांजी हाउस भेजा जा गया था। आगे भी अभियान चलाकर जानवरों को पकड़ने के अलावा पशुपालकों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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