चकलवंशी। आसीवन थाना क्षेत्र के कोटरहा में घर के बाहर बरामदे में सो रही बीमार वृद्धा की मौत हो गई। उसके चेहरे पर किसी जानवर के नोचने का निशान होने से ग्रामीणों में दहशत है। परिजनाें ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
कोटरहा गांव निवासी लेखाना (85) काफी समय से बीमार थीं। वह दरवाजे पर बरामदे में चारपाई पर सोती थीं। गुरुवार सुबह वह चारपाई पर मृत मिलीं। उनके चेहरे पर दाहिनी तरफ आंख के नीचे का किसी जानवर के पंजे से नोचने जैसा निशान मिला है। उस हिस्से का मांस भी गायब है।
पिछले चार दिनों से गांव से करीब 16 किमी. दूर औरास के रामपुर गढ़ौवा गांव के आसपास बाघ की चहलकदमी को लेकर ग्रामीण पहले से ही डरे हुए हैं। इस घटना ने दहशत और बढ़ा दी है। बेटे रज्जन ने बताया कि मां लेखाना चार माह से बीमार चल रहीं थीं। चल फिर भी नहीं सकती थी। वह भी मां के पास ही चारपाई डालकर सोता था। शनिवार को वह रिश्तेदार के यहां गया था।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के लिए कार्यवाही शुरू की तो परिजनों ने इनकार कर दिया और खेत में अंतिम संस्कार किया। मृतका के चार पुत्र रामकेशन, रामसेवक, रज्जन व नेकराम के अलावरा दो पुत्री शिवदेवी व लीलावती हैं। सभी विवाहित हैं।
पुलिस ने बाघ के हमले से किया इनकार
थाना प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि यह स्पष्ट नहीं है कि वृद्धा की मौत जानवर के हमले से हुई है या उनकी मौत के बाद किसी जानवर ने नोचा है। बताया कि निशान बाघ की जगह किसी कुत्ता या बिल्ली के नोचने जैसा लग रहा है। एहतियातन लोगों को अलर्ट रहने को कहा गया है।