फोटो- 18- लखनऊ-कानपुर हाईवे। आर्काइव
उन्नाव। दिल्ली एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) की तर्ज पर विकसित किए जा रहे एससीआर (राज्य राजधानी क्षेत्र) को लेकर कवायद शुरू हो चुकी है। प्रारंभिक चरण में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर गहरू से मुर्तजानगर तक का क्षेत्र लिया गया है। इसके बीच हाईवे के दोनों तरफ 60 मीटर के अंदर निर्माण कराने वाले 90 लोगों का यूपीसीडा ने नोटिस जारी किया है।
प्रदेश सरकार के एससीआर में लखनऊ, बाराबंकी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी व रायबरेली के साथ उन्नाव को भी शामिल किया गया है। एससीआर में शामिल जनपदों में विकास कार्य कराए जाने हैं। इसकी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीसीडा) को दी गई है। अब यूपीसीडा ने एससीआर के तहत लखनऊ-कानपुर हाईवे के दोनों तरफ विकास कार्य कराने की कवायद शुरू की गई है। इसके लिए प्लान तैयार किया गया है। इसी को लेकर अभी पहले स्तर पर लखनऊ की सीमा में गहरू से आगे मिरानपुर पिनवट से जिले में मुर्तजानगर नहर तक का एरिया लिया गया है।
यहां पर यूपीसीडा के सर्वे में हाईवे के दोनों तरफ 60 मीटर के दायरे में 90 भवन बने मिले हैं। इसी आधार पर यूपीसीडा ने इन भवन स्वामियों को नोटिस जारी किया। इन्हें भवन के नक्शे आदि के कागजात दिखाने के लिए कहा गया है।
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एससीआर क्षेत्र में व्यवस्थित ढंग से विकास कराएगा यूपीसीडा
यूपीसीडा के अधिकारियों के मुताबिक, एससीआर क्षेत्र में व्यवस्थित ढंग से विकास कार्य कराने की प्राथमिकता है। इसलिए हाईवे के 60 मीटर के दायरे में जो भी निर्माण होगा, उसके लिए यूपीसीडा से नक्शा पास कराना होगा। अभी जो भी निर्माण हुए हैं, उनको नोटिस जारी करके नक्शा आदि दिखाने के लिए कहा गया है। यूपीसीडा के लेखपाल उमेश कुमार ने बताया कि हाईवे के दोनों तरफ 60 मीटर तक कोई निर्माण नहीं होना है। यदि कोई निर्माण होता है तो उसको नक्शा बनवाकर यूपीसीडा के कार्यालय से पास कराना होगा। अभी तक 90 लोगों को चिह्नित कर नोटिस भेता है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।