बिछिया। विकासखंड की ग्राम पंचायत ओरहर के ग्रामीण त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर परेशान है। जिला प्रशासन ने इस बार गांव की प्रधान सीट को अनुसूचित जनजाति (एससीएसटी) महिला के लिए आरक्षित कर दिया है। गांव में इस वर्ग की आबादी शून्य है। ऐसे में गांव में चुनाव न होने की आशंका बढ़ गई है।
ओरहर में ग्राम प्रधान का पद अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित है । पिछली बार यह गांव सामान्य महिला के लिए आरक्षित था। एक सप्ताह पहले सीडीओ डॉ. राजेश कुमार प्रजापति ने डीपीआरओ राजेंद्र कुमार यादव के साथ ओरहर गांव का दौरा करके ग्रामीणों के बयान दर्ज किए थे।
इसमें गांव में एससीएसटी की आबादी शून्य पाई गई थी। इसके पहले लेखपाल व सचिव ने अनुसूचित जनजाति के लोग न होने की रिपोर्ट भेजी थी। हालांकि शासन से अभी आरक्षण बदलाव को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। ऐसे में गांव में चुनाव को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस गांव की आबादी 5800 की है। इसमें ओबीसी के मतदाता सबसे अधिक और सामान्य वर्ग के मतदाता सबसे कम हैं।