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अफसरों की कुर्सी खाली

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अपर जिलाधिकारी न्यायिक विकास कुमार सिंह का बंद पड़ा कमरा। संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। मुख्यमंत्री का आदेश है कि अधिकारी सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में मौजूद रहकर जन सुनवाई करेंगे। लेकिन जिले में सप्ताह के पहले दिन सोमवार को कई अधिकारी कुर्सी पर नहीं मिले। इसके कारण फरियाद लेकर पहुंचे लोग निराश होकर लौट गई।
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महज दस दिन पहले डीएम ने औचक निरीक्षण कर सभी की क्लास ली थी लेकिन इसके बाद भी नाफरमानी हावी है। कलक्ट्रेट, विकास भवन और जिला पंचायत में अधिकतर अधिकारी सुबह 11 बजे तक नदारद मिले। कई अधिकारियों कर्मचारियों की अनुपस्थिति की जानकारी पर डीएम ने जांच की। निरीक्षण में सात विभागों के 20 अधिकारी/कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने सभी का एक दिन का वेतन रोककर स्पष्टीकरण तलब किया है। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि वह ब्लाकों में आयोजित स्वास्थ्य मेला में निरीक्षण के लिए गए थे।
समय: 11 बजे
अपर जिलाधिकारी न्यायिक विकास कुमार सिंह का कक्ष खुला मिला लेकिन कुर्सी खाली थी। बताया गया कि वह एक जांच के सिलसिले में गए हैं।
एडीएम वित्त एवं राजस्व नरेंद्र सिंह का कक्ष खुला मिला लेकिन अफसर और कर्मचारी नहीं मिले। इसी तरह संयुक्त कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी अमर आफताब नहीं मिले। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग का भी यही हाल रहा। न अधिकारी और न ही कर्मचारी दिखे। जिला प्रबोशन अधिकारी रेनू यादव का कक्ष भी सूना पड़ा दिखा।
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समय 11:12 बजे
जिला पंचायत में अपर मुख्य अधिकारी वीके सिंह और अभियंता आशुतोष कुमार कक्ष में नहीं मिले। यहां हाल ये है कि कर्मचारियों और पेंशन धारकों को पिछले एक माह से वेतन और पेंशन नहीं मिली है। बताया जाता है कि बजट को लेकर बैठक ही नहीं की गई। जबकि करोड़ों का विकास कार्यों के ठेके को लेकर बजट मीटिंंग कर उसे पास कर दिया गया। अपर मुख्य अधिकारी ने बताया कि वह 23 अप्रैल को प्रस्तावित जिला पंचायत बोर्ड की बैठक की तैयारियों और बजट संबंधी लेखाजोखा तैयार करने के सिलसिले में दूसरे कार्यालय में बैठे थे।
समय: 11:20 बजे
समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह कक्ष में नहीं मिली। वहीं बाहर कटरा दिवानपुर बीघापुर की खेरुन निशा उन्हें तलाशती नजर आईं। महिला ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। पिछले आठ माह से उसे पेंशन नहीं मिल रही है। जिसे लेकर वह बहुत परेशान है। अधिकारी मिलती नहीं हैं।
इनसे स्पष्टीकरण तलब
खनन निरीक्षक अमित रंजन, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय में ममता हासनदानी, तनुजा भारती, जुहनून अहमद। सहायक अभिलेख कार्यालय में सर्वे लेखपाल राकेश कुमार शर्मा, अभिषेक त्रिपाठी, आदर्श कुमार खरे, गणेश कुमार, विनय साहू, रमाकांत यादव। जिला सूचना कार्यालय में ऑपरेटर उज्जवल धूरिया। जिला भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय के गोपाल शुक्ला, दीपक कुमार, विश्वनाथ यादव, पारुल सिंह, राम भूअल राम, पूजा रानी, राजेंद्र चौधरी। भूलेख कार्यालय में अपर संाख्यकी अधिकारी रिचा श्रीवास्तव, खाद्य एवं औषधि प्रशासन कार्यालय में खाद्य निरीक्षक कामद शुक्ला अनुपस्थित मिले। डीएम रवींद्र कुमार ने सभी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही एक दिन का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशों का पालन प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को करना है। अधिकारियों को सुबह 10 से 12 बजे तक कार्यालय में बैठकर जनता की शिकायतों की सुनवाई करनी है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो भी अधिकारी या कर्मचारी अनुपस्थित मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अपर जिलाधिकारी न्यायिक विकास कुमार सिंह की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद- फोटो : UNNAO

अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत वीके सिंह की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद- फोटो : UNNAO

जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह की खाली पड़ी कुर्सी। संवाद- फोटो : UNNAO

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