उन्नाव। लखनऊ-कानपुर हाईवे पर यातायात को 100 की रफ्तार से दौड़ाने की योजना पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के दो मंडल के अफसरों की खींचतान हाईवे के गड्ढे चौड़े करने का काम कर रही है। सीमा पर स्थित जर्जर पुराने जाजमऊ गंगापुल पर हुए गड्ढे रफ्तार पर ब्रेक लगा रहे हैं। वहीं जर्जर पुल से गुजरने वाले वाहन सवारों का जोखिम दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। शायद दोनों ही मंडल के एनएचएआई के अफसर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। जोखिम भरे सफर और अधिकारियों की लापरवाही के चलते डीएम ने एनएचएआई के रीजनल अफसर को पत्र लिखकर 15 दिन में जवाब मांगा है। वहीं उन्होंने मंडलायुक्त को भी मामले की जानकारी दी है।
हाईवे पर लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन के गंगा नदी पुल में जगह-जगड्ढे हो गए हैं। कई जगह तो सरिया तक दिखने लगी है। उखड़ी कंक्रीट और अप्रोच रोड टूटने से करीब छह महीने से यातायात बुरी तरह प्रभावित है। इस हाईवे से रोजाना औसतन 60 हजार छोटे-बड़े वाहन निकलते हैं। लखनऊ से कानपुर जाने वाली लेन के पुल का रास्ता खराब होने से उन्नाव और कानपुर के बीच कई बार लंबा जाम भी लगता है। वहीं पुल जर्जर होने के कारण दिन पर दिन खतरा भी बढ़ता जा रहा है।
सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में कई बार मुद्दा उठने के भी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका। वजह यह है कि एनएचएआई के लखनऊ और कानपुर परिक्षेत्र के परियोजना निदेशक (पीडी) जाजमऊ पुल को एक दूसरे के क्षेत्र का बताकर जिम्मेदारी टालते रहे हैं। इससे नाराज डीएम गौरांग राठी ने एनएचएआई के क्षेत्रीय प्रबंधक को पत्र भेजकर परिक्षेत्र का निर्धारण करने और संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए 15 दिन में सूचना देने को कहा है। डीएम ने बताया कि उन्होंने इसकी सूचना लखनऊ मंडलायुक्त रोशन जैकब को भी दी है। तय समय में जवाब न मिलने पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के केंद्रीय कार्यालय दिल्ली के अधिकारियों को अपने स्तर से रिपोर्ट भेजेंगे और टालमटोल करने वालों पर कार्रवाई कराएंगे।
2021 में मरम्मत के लिए 20 दिन रोका गया था ट्रैफिक
एनएचएआई के सूत्रों के अनुसार करीब एक साल पहले इस पुराने पुल की जांच कराई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार 50 साल से अधिक पुराने इस पुल की स्लैब की मरम्मत और कुछ बेयरिंग को बदलने की जरूरत है। इससे पहले वर्ष 2021 में इस पुल की मरम्मत कराई गई थी। तब पुल को 20 दिन के लिए बंद किया गया था और दोनों तरफ का यातायात एक ही पुल (कानपुर से लखनऊ जाने वाले) पुल से निकाला गया था।
रोजाना 60 हजार वाहनों का होता आवागमन
एनएच 25 पर रोजाना औसतन 60 हजार छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। उन्नाव-लालगंज (रायबरेली) के अलावा उन्नाव-हरदोई मार्ग पर भी शहर में इसी हाईवे से जुड़ता है।
हाईवे के जाजमऊ के गंगा नदी पुल की जल्द से जल्द मरम्मत कराने का प्रयास किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों से जवाब तलब भी किया है। एनएचएआई की ओर से कार्ययोजना मिलते ही कानपुर प्रशासन से समन्वय बनाकर ट्रैफिक डायवर्जन सहित अन्य बिंदुओं पर व्यवस्था तय की जाएगी।
गौरांग राठी, जिलाधिकारी उन्नाव