उन्नाव/असोहा। सई नदी पर जबरेला गांव में बने क्षतिग्रस्त पुल के नवनिर्माण के लिए 15.91 करोड़ स्वीकृत कर दिए हैं। वर्तमान में इस पुल पर दरारें आने के कारण भारी वाहनों के आवागमन पर रोक है।
जिले को लखनऊ से जोड़ने वाला उन्नाव, मौरावां, मोहन लालगंज मार्ग पर जबरेला गांव में सई नदी पर पुल बना है। इसका निर्माण वर्ष 1995 में कराया गया था। तब वाहनों का लोड कम होने से संकरे पुल का निर्माण कराया गया था। लगभग 30 साल पुराने पुल पर पिछले कुछ वर्षों से लगातार भारी वाहनों का आवागमन हो रहा था।
पिछले साल अक्तूबर से लखनऊ-कानपुर एलीवेटेड एक्सप्रेसवे निर्माण के चलते कानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर भारी वाहनों को दही चौकी से पुरवा-मौरावां होते हुए वाया मोहन लालगंज होकर लखनऊ भेजा जा रहा है। लगातार भारी वाहनों के आवागमन के कारण मार्ग पर पड़ने वाले जबरेला स्थित सई नदी पुल के पिलर में दरारें आ गईं और भारी वाहनों को रोक दिया गया।
अब कालूखेड़ा से निकाले जा रहे भारी वाहन
वर्तमान में जबरेला पुल बंद होने से लखनऊ आने जाने वाले वाहनों को कालूखेड़ा से होकर असोहा होते हुए धावापुर में बनी-मोहनलालगंज मार्ग से होकर जाना पड़ रहा है। दूसरा कालूखेड़ा से असरेंदा होते हुए निगोहा होकर आवागमन करना पड़ रहा है। जिससे समय के साथ अतिरिक्त किराया भी देना पड़ रहा है। अब प्रदेश सरकार ने नए पुल के लिए 15.91 करोड़ का बजट स्वीकृत कर दिया है। इससे अब जल्द पुल बनने की उम्मीद जगी है।
15 किलोमीटर का लगाना पड़ रहा चक्करपुल से निकलने पर रोक से वाहन 15 किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाकर आवागमन कर रहे हैं। जिसके चलते वाहन का किराया 20 से 23 रुपये तक बढ़ गया है। क्षेत्र के मोहित, रजोल, राजू, सतीश व अनुज आदि ने बताया कि पुल निर्माण होने से किराए के नाम पर जेब ढीली होने से बचेगी।
पुल का निर्माण सेतु निगम लखनऊ कराएगा, इसलिए पैसा स्वीकृत होने की जानकारी उन्हें नहीं है। यह पता चला है कि शासनस्तर पर गठित ईएफसी (एक्सपेंस फाइनेंस कमेटी) की स्वीकृति मिल चुकी है। पांच करोड़ रुपये से ज्यादा के कार्यों को अनुमोदित करने का काम ईएफसी ही करती है।
हरदयाल अहिरवार, पीडब्ल्यूडी एक्सईएन प्रांतीयखंड