कक्षा सात में पढ़ने वाला बच्चा नयन मनोहर नगर वासियों की आंखों का तारा बन गया है। लोग बच्चे के प्रयासों की सराहना करते नहीं थक रहे।
क्षेत्रीय लोगों ने क्रासिंग समस्या को मुद्दा बनाकर लगातार प्रकाशित करने के लिए अमर उजाला का शुक्रिया कहा। लोग लेबल क्रासिंग बनने की घोषणा से काफी खुश हैं। रेलवे के अधिकारी जल्द ही काम शुरू होने की बात कह रहे हैं।
आवास विकास कालोनी के पीछे मोहल्ला मनोहर नगर के लोग दशकों से आवागमन की समस्या से जूझ रहे थे। पंाच हजार लोगों को घर आने-जाने में रेलवे ट्रैक पार कर गुजरना होता है।
कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर लोगों को वाहन रेलवे ट्रैक से पहले आवास-विकास कालोनी में खड़े कर पैदल निकलना पड़ता है। रेल पटरियों के बीच गिट्टी न होने और रेलवे ट्रैक के दोनों ओर जंगल व स्लोप न होने से लोग जान जोखिम में डालकर अपने घर पहुंचते हैं।
इसी मोहल्ले में रहने वाले आशुतोष सिन्हा का 10 साल का बेटा नयन सिन्हा आवास विकास कालोनी स्थित चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज में कक्षा सात में पढ़ता है। अगस्त 2015 में नयन का एक दोस्त रेलवे ट्रैक पार करते समय गिर गया था। इसी दौरान लखनऊ से कानपुर की ओर जा रही ट्रेन आ गई थी। घटना में उसके दोस्त की जान पर बन आई थी।
तत्पश्चात नयन सिन्हा ने सितंबर 2015 में प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर अपनी व मोहल्ले के लोगों की समस्या बताई। चिट्ठी में लिखा कि मोहल्ले के लोगों को डेढ़ किमी का चक्कर लगाकर राजेपुर रेलवे क्रासिंग से आवागमन करना पड़ता है।
इसके अलावा स्कूल जाने में परेशानी होती है।, जबकि मोहल्ले के ठीक सामने रेलवे ट्रैक पार बमुश्किल 50 कदम की दूरी तय कर आवास विकास कालोनी पहुंच जाते हैं।
पीएम कार्यालय ने नयन की चिट्ठी में उल्लेखित समस्या को गंभीरता से लिया और रेल मंत्रालय को समाधान के निर्देश दिए। गत गुरुवार को नयन सिन्हा के घर रेलवे के डिवीजनल इंजीनियर रंजीत कुमार का पत्र पहुंचा।
पत्र में डीई ने उन्नाव-लखनऊ रेलमार्ग पर मनोहर नगर के सामने रेलवे ट्रैक दोनों ओर मिट्टी डालकर इंटर लॉक ब्रिक बिछाकर रास्ता समतल कर जल्द ही लेबल क्रासिंग बनाने का आश्वासन दिया।
मोहल्ले में रहने वाले राजेश कुमार, प्रदीप कुमार, अशोक, सुनयना, माया, मुकेश, अर्चना, संगीता ने कहा कि हम लोगों ने रेलवे के अधिकारियों को कई बार समस्या बताई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने नयन सिन्हा के प्रयास को सराहा। लोगों में आवागमन की समस्या जल्द हल होने की खुशी है।