नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के लिए अब क्षय रोग विभाग की अनुमति जरूरी होगी। नर्सिंग होम को क्षय रोग विभाग के निश्चय पोर्टल पर अपना नाम दर्ज कराना होगा। ऐसा न करने वाले नर्सिंग होम का पंजीकरण रद्द हो जाएगा। टीबी रोग उन्मूलन के लिए सरकार ने सभी नर्सिंग होम को रजिस्ट्रेशन से पहले क्षय रोग विभाग की अनुमति लेने और बाद में टीबी रोग से पीड़ित मरीजों की जानकारी देना आवश्यक कर दिया है।
जिले में चल रहे नर्सिंग होम का पंजीकरण अभी सीएमओ की अनुमति पर हो जाता है। हालांकि पंजीकरण की प्रक्रिया में अब बदलाव किया जा रहा है। नर्सिंग होम के पंजीकरण के लिए अब सीएमओ के साथ ही जिला क्षय रोग अधिकारी की अनुमति भी जरूरी होगी।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार क्षय रोग विभाग की अनुमति के बाद ही अब किसी नर्सिंग होम का पंजीकरण हो सकेगा। पंजीकरण के बाद नर्सिंग होम व वहां कार्यरत डाक्टर का नाम क्षय रोग विभाग के निश्चय पोर्टल पर दर्ज हो जाएगा। ऐसे में देश भर में कहीं से भी लोग घर बैठे यह जानकारी कर पाएंगे कि जिले में कितने नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, इनमें कौन सा नर्सिंग होम टीबी का उपचार करता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेंद्र ने बताया कि भविष्य में जिस नर्सिंग होम का नाम पोर्टल पर दर्ज नहीं होगा, उसका पंजीकरण रद्द हो जाएगा।