भीषण ठंड में रेल पटरियों के चटकने की घटनाओं में बढ़ोतरी होती है। इससे मौसम में बढ़ी तल्खी से रेल अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए हैं। रेल पटरियां रेल हादसे का कारण न बन सकें, इसके लिए आरडीएसओ की टीम ने अल्ट्रासोनिक मशीन से पटरियों की मजबूती को परखा। करीब तीन घंटे तक जांच अभियान चला।
रिसर्च डिजाइन एंड आर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) की टीम ने शनिवार को अल्ट्रासोनिक मशीन से उन्नाव रेलवे स्टेशन से गंगाघाट स्टेशन तक रेल पटरियों की मजबूती का गहनता से आकलन किया। इस दौरान मगरवारा से गंगाब्रिज तक बारीकी से पटरियों की क्षमता को देखा गया। अभियान में टेक्निकल टीम को रेल पटरियां जहां कमजोर मिलीं, उन स्थानों को चिन्हित कर रिपोर्ट तैयार की गई।