उन्नाव। सांसद ने गोद लिया तो लगा वर्षों की मुराद पूरी हो जाएगी। दुख की घड़ी में उनका साथ मिलेगा। अब तक मनमानी करने वालों पर लगाम लगेगी। अनुदान ही क्यों, सरकार की हर मेहरबानी दरवाजे पर खड़ी नजर आएगी, लेकिन यह क्या। एक झटके में सारी उम्मीदें टूट गई।
बारिश के बाद ओलावृष्टि ने खेत तबाह कर दिया तो आला हाकिम ने भी मुंह मोड़ लिया। मरहम लगाने को कौन कहे, एक बार दर्द जानने की भी जहमत नहीं उठाई। जी, हां हम बात कर रहे हैं सांसद हरि सच्चिदानंद साक्षी महाराज द्वारा गोद लिए गए गांव टीकर की।
इन्होंने गांव को गोद लेने की औपचारिकता तो निभा ली, लेकिन कराह रहे किसानों की दर्दभरी दास्तां सुनने की फुरसत नहीं है। स्थिति यह है कि किसानों को अभी तक न तो सरकारी मुआवजा मिला और न ही पिछले सीजन का बीमा क्लेम।
सांसद साक्षी महाराज ने बिछिया ब्लाक के गांव टीकर को गोद लिया है। इस गांव में विकास की गंगा बहाने का दावा सांसद पूर्व में कर चुके हैं लेकिन फरवरी व मार्च में ओलावृष्टि और बारिश से गांव में तबाह हुई फसलों से किसानों को हुए नुकसान की जानकारी लेने सांसद गांव नहीं पहुंच सके हैं।
फसलों के नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के कई मंत्री जिले का दौरा कर चुके हैं लेकिन सांसद डा. साक्षी महाराज अभी तक समय नहीं निकाल पाए। इस बात का गांव के किसानों को मलाल है। उनका कहना है कि सांसद ने गोद लिए गांवों को आज तक फसल की क्षति के मुआवजे के नाम पर एक फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है। सर्वे के नाम पर भी खानापूर्ति हुई है।
गांव के लेखपाल ने एक जगह पर बैठकर या दूर से ही फसलों की क्षति का आकलन कर रिपोर्ट बना ली। किसानों को अब भी सांसद के गांव आने का इंतजार है।