उन्नाव। केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान और खेतिहर मजदूर बेहाल हैं। सरकारें दैवीय आपदा में नष्ट हुई फसलों के मुआवजे के नाम पर किसानों के जख्मों नमक छिड़क रही हैं।
लाखों के नुकसान के एवज में सौ रुपये और हजार रुपये की आर्थिक मदद देकर अन्नदाता की मजबूरी का मजाक उड़ाया जा रहा है। ये बातें पूर्व सांसद अन्नू टंडन ने बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र में निकाली गई पद यात्रा के दौरान कही।
केंद्र और राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर कांग्रेस की गांव-गांव संघर्ष यात्रा के दूसरे दिन सांसद अन्नू टंडन की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने बांगरमऊ विधानसभा क्षेत्र में कई गांवों में पद यात्रा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ कुचिगंवा, जगदीशपुर, अमौरा, पट्टी उसमान, पट्टी हमीद, शकूराबाद होते हुए तकिया गांव तक करीब आठ किमी पद यात्रा की।
उन्होंने किसानों के बीच जाकर कहा कि मौजूदा समय में देश का किसान दैवीय आपदा से पीड़ित है और भविष्य को लेकर चिंतित है ऐसे में केंद्र सरकार के मंत्री अनर्गल बयान बाजी कर रहे हैं। पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार के मंत्रियों ने कह दिया है कि मदद के लिए सरकार पर नहीं अपने पुरुषार्थ और मेहनत पर भरोसा करें। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री के जिले के दौरे और पर्यटन स्थलों के विकास कार्यों का शिलान्यास करने पर तंज कसते हुए कहा कि कितना अच्छा होता अगर आज वह किसानों को मुआवजा का सौगात देते।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हसन वासिफ ने पर्यटन स्थलों के शिलान्यास पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह कार्य पूर्व सांसद के प्रयास से यूपीए टू की सरकार में स्वीकृत हुए थे। इसमें नया कुछ नहीं है।
पद यात्रा में प्रदेश सचिव अशोक धानविक, अमित शुक्ला, अजय श्रीवास्तव, कय्यूम खान, शिप्रा, डॉ. अनिल कश्यप, असलम, रवी सिंह, विनोद, ललित मिश्रा, इदरीश, अनुभव शुक्ला, अशोक कनौजिया, रमाकांत, इस्लामुद्दीन, गंगादीन, सुशील पाल, राजीव रतन, अरुण, अनुराग सिंह, अनूप मेहरोत्रा, संजय निगम, विवेक शुक्ला भी शामिल रहे।