पटरियों से उतर गए आधे से ज्यादा कोच
उन्नाव। लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में कुल 20 कोच थे। जो कि बी-1 से बी-20 तक थे। हादसा इतना बड़ा था कि इंजन के पीछे लगे बी-1 कोच को छोड़कर बी-2 से बी-12 तक सभी कोच पटरी से उतर गए। हालत यह हो गई कि पटरियां स्लीपरों से हटकर एक में मिल गई थीं।
मदद को पहुंची एनडीआरएफ टीम
हादसे की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स) भी मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ ने यात्रियों व ट्रेन की स्थिति को देखते हुए उन्हें हर तरह की मदद दिलाने का काम किया। प्रभारी हरपाल ने बताया कि कोई भी यात्री हताहत नहीं हुआ है। सभी को सुरक्षित ट्रेन से निकालकर उनके गंतव्य तक पहुंचाने के साधनों में बैठा दिया गया है।
आलाधिकारियों का लग गया मजमा
रेल हादसे की सूचना मिलते ही रेल, पुलिस व जीआरपी के आलाधिकारियों का उन्नाव स्टेशन पर मजमा लग गया। एडीजी लॉ एंड आर्डर अभय प्रताप सिंह, आईजी लॉ एंड आर्डर जय नरायन सिंह, आईजी रेल विनोद कुमार सिंह, एसपी जीआरपी सौमित्र यादव, सीओ जीआरपी भारत सिंह ने मौके पर पहुंचकर हादसे के कारणों की जांच की। एडीजी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि हादसे में किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ है। सभी सुरक्षित हैं। हादसा क्यों हुआ इसका निरीक्षण रेलवे के अधिकारी करेंगे। जल्द ही कारण स्पष्ट हो जाएगा।
हादसे का कारण जानने पहुंचे माननीय
उन्नाव स्टेशन पर एलटीटी ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना पर जिले के माननीय भी विभागीय अफसरों व यात्रियों का हालचाल लेने पहुंच गए। इसमें सदर विधायक पंकज गुप्ता व बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर घटनास्थल पर पहुंचे। विधायकों ने रेलवे व पुलिस अधिकारियों से हादसें का कारण जाना और दोषियों की जांच कर उनपर कार्रवाई करवाने की भी बात कही।