उन्नाव। जनपद में छह हेक्टेअर में आलू की आधुनिक खेती होगी। इसके लिए शासन की ओर दो सौ क्विंटल आलू बीज का आवंटन किया है जबकि जनपद में आलू की खेती का लक्ष्य 9 हजार 7 सौ हेक्टेअर रखा गया है। वहीं किसान तीन सौ क्विंटल आलू बीज की मांग कर चुके हैं। ऐसी स्थिति में आलू बीज के लिए मारामारी तय है।
एक ओर सरकारें किसानों को परंपरागत खेती छोड़कर आधुनिक खेती करने पर बल दे रही हैं। इसके लिए किसानों को कम लागत में अधिक लाभ के तरीके बताए जाते हैं। किसानों को जागरूक करने के लिए गोष्ठियों व चौपालों, खेती के अच्छे तौर तरीके जानने के लिए भ्रमण तक कराया जाता है।
वहीं, सरकार द्वारा किसानों को अच्छे आलू बीज मांग के मुताबिक उपलब्ध नहीं करा पा रही है। ऐसी स्थिति में आलू की आधुनिक खेती पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है। जिले को शासन की ओर से आलू बीज का दो सौ क्विंटल का लक्ष्य आवंटन किया गया है। जबकि जनपद में करीब पचास किसान तीन सौ क्विंटल बीज की मांग कर चुके हैं। उद्यान विभाग के पास आवेदन भी पहुंच चुके है।
विभाग के अनुसार इस वर्ष 9700 हेक्टेअर आलू की खेती का लक्ष्य रखा गया है। इसमें करीब तीन लाख 39 हजार 5 सौ क्विंटल आलू बीज लगेगा। जबकि शासन की ओर दो सौ क्विंटल आलू बीज का आवंटन किया गया है। तो ऐसी स्थिति में आवंटन आवश्यकता से काफी कम है।
उद्यान विभाग के अनुसार, एक हेक्टेअर में 35 क्विंटल आलू बीज लगता है। तो ऐसी स्थिति में यह आलू बीज करीब छह हेक्टेअर के लिए है। ऐसे में आधुनिक खेती का सपना कैसे साकार होगा। अपर उद्यान अधिकारी आरबी वर्मा ने बताया कि विभाग से और बीज की मांग की जाएगी।