अजगैन/उन्नाव। चार दिन पहले पड़ोसी के साथ सब्जी बेचने निकले बालक का शव शुक्रवार को अजगैन रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में पड़ा मिला। धड़ शरीर से अलग होने के साथ आंखें भी नहीं थी। पुलिस ने ट्रेन से कटकर मौत होने की बात कह रही है जबकि परिजनों ने भी किसी के खिलाफ शाम तक शिकायत दर्ज नहीं करायी थी। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा है।
विक्रमखेड़ा निवासी विजय कुमार कश्यप का पुत्र 10 वर्षीय छोटू 27 अप्रैल की दोपहर करीब 2.30 बजे पड़ोस में ही रहने वाले तरोईलाल के साथ सब्जी बेचने के लिए निकला था। तरोईपाल तो सब्जी बेचकर शाम को घर आ गया था लेकिन छोटू नहीं आया। परिजनों ने तरोईपाल से छोटू के न आने की जानकारी ली तो पता चला कि वह पहले ही बाजार से घर के लिए निकला था।
परिजनों ने छोटू का इधर-उधर पता लगाया लेकिन कोई जानकारी न मिलने पर थाने जाकर छोटू की गुमशुदगी दर्ज कराई। तब से परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार सुबह अजगैन रेलवे स्टेशन समीप झाड़ियों में कुछ लोगों ने एक शव पड़ा देखा और सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस की सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता विजय कुमार ने किशोर की शिनाख्त पुत्र के रूप में की। बालक के शरीर पर चोटों के निशान मिलने के साथ ही धड़ शरीर से अलग मिला है। इसके अलावा दोनों आंखें भी गायब थी। आशंका है कि बालक की हत्या कर शव को रेलवे लाइन किनारे फेंका गया हो। मृतक के पिता विजय कुमार कश्यप ने बताया कि उसकी गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। फिर भी यह किसने किया कुछ नहीं कह सकता। छोटू तीन भाइयों में सबसे छोटा था।
अजगैन एसओ विजयकंात मिश्रा ने बताया कि बालक का शव रेलवे लाइन किनारे झाड़ियों में पड़ा था। धड़ से मुंड अलग है। इसलिए ट्रेन से कटकर मौत होने की आशंका है। शव कई दिनों से झाड़ियों में पड़ा होने से हो सकता है कि आंखें जानवर नोच ले गए हो। शरीर से मांस भी गायब होने से यही अनुमान लगाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद कुछ कहा सकता है। परिजन अगर किसी के खिलाफ तहरीर देते हैं तो मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।