उन्नाव। पाक्सो एक्ट विशेष न्यायालय ने महिला से छेड़छाड़ के नौ साल पुराने मामले में दोषी पाए गए युवक को तीन साल की सजा सुनाई। उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
हसनगंज कोतवाली के एक गांव निवासी महिला ने क्षेत्र के भावा निवासी संदीप पर तीन जून 2015 को छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पांच जून 2015 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन उपनिरीक्षक कृष्णानंद पांडेय ने सात जुलाई 2015 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया था। मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष पाक्सो एक्ट में विचाराधीन था। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने दोष साबित होने पर संदीप को तीन साल कारावास की सजा सुनाई है।
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गालीगलौज करने वाले को एक साल की सजा
उन्नाव। बारासगवर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला ने अड़ार निवासी रामविलास पर 10 मार्च 2014 को गालीगलौज करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दौरान विवेचना आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य इकट्ठा करते हुए न्यायालय में 20 मार्च 2014 को आरोपपत्र दाखिल कर दिया। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई एसीजेएम चतुर्थ की न्यायालय में पूरी हुई। न्यायाधीश दीप कमल आनंद ने दोषी को एक वर्ष कारावास व 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। (संवाद)
एनडीपीएस के आरोपी को नौ माह की सजा
उन्नाव। गंगाघाट कोतवाली पुलिस ने 14 फरवरी 2021 को थानाक्षेत्र के लोहारनखेड़ा निवासी दीपक सिंह को 1.100 किग्रा मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) की धारा में कार्रवाई की थी। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन एसआई अरविंद सिंह ने की और आरोपी के खिलाफ 24 फरवरी 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की फास्ट ट्रैक प्रथम में विचाराधीन था। मंगलवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश स्वतंत्र प्रकाश ने दोषी दीपक को नौ माह के कारावास की सजा सुनाई है। (संवाद)
जेल में बिताई अवधि व एक हजार जुर्माने की सजा
उन्नाव। फतेहपुर चौरासी थाना पुलिस ने पांच जून 2005 को शोभालाल निवासी बिठूर कानपुर नगर के कब्जे से तमंचा व एक कारतूस बरामद किया था। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करते हुए उसे जेल भेजा था। मुकदमे की विवेचना तत्कालीन एसआई बच्चा सिंह ने की और पर्याप्त साक्ष्य जुटाते हुए आरोपी के खिलाफ सात जून 2005 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा लगभग 19 साल से न्यायिक मजिस्ट्रेट सफीपुर की कोर्ट में विचाराधीन था। सहायक अभियोजन अधिकारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय ने दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद आरोपी शोभालाल को दोषी पाते हुए जेल में बिताई गई अवधि व एक हजार रुपये से दंडित किया है। जुर्माना अदा न करने पर पांच दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। (संवाद)