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महपरापुर गांव के लोगों को कंगाल कर रहा कैंसर

Sat, 23 Apr 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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मेडिकल स्टूडेंटस को ‌मिली सौगात - फोटो : demo pic
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फतेहपुरचौरासी (उन्नाव)। गंगा किनारे बसे सफीपुर ब्लॉक के महपरापुर गांव में कैंसर की बीमारी की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत है। एक साल में छह लोगों की कैंसर से मौत हो चुकी है कई लोग इलाज करा रहे हैं। हालत यह है मौजूदा समय भी गांव के चार लोगों का इलाज चल रहा है। बीमारी ने लोगों की नींद हराम कर दी है।
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विकासखंड सफीपुर महपरापुर गांव में रहने वाले लोग कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी की दहशत में हैं। गंगा कटरी में बसे इस गांव में रहने वाले गरीब तबके के लोग पहले गांव के झोलाछाप और सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराते हैं जब तक बीमारी का पता चलता है काफी देर हो चुकी होती है। 

गांव के हरिकिशोर तिवारी की गले में कैंसर की वजह से 5 अप्रैल को मौत हो गई। इससे पहले निर्मला पत्नी बृजकिशोर चतुर्वेदी को 2013 में मुंह में कैंसर का पता चला। काफी इलाज कराया। इलाज के लिए बृजकिशोर को कुछ जमीन भी बेचनी पड़ी। कानपुर जेके अस्पताल में इलाज भी कराया लेकिन 14 अप्रैल 2015 को निर्मला की मौत हो गई। इसी गांव के रामसेवक राजपूत के गले में गिल्टी हो गई। उन्होंने कानपुर अस्पताल और लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया लेकिन मौत ने उन्हें हरा दिया।
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14 अप्रैल 2016 को उनकी मौत हो गई। इसी गांव के बेचेलाल की पत्नी रामरती को ब्रेस्ट कैंसर हुआ था। तमाम इलाज के बाद 15 अप्रैल को उनकी भी मौत हो गई। गांव के जुगराज के होठ में फुंसी हुई थी। डॉक्टरों ने कैंसर बताया औैर इलाज किया लेकिन इसके बाद भी दिसंबर 2015 में उनकी मौत हो गई। गांव के तेहबहादुर सिंह ने बताया कि उनके पिता प्रताप सिंह को भी इस बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया है। दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा है। तेजबहादुर ने बताया कि करीब छह वर्ष पहले उनकी माता उर्मिला की भी ब्रेस्ट कैंसर से मौत हो गई थी। गांव में इस जानेलवा बीमारी के प्रकोप से ग्रामीणों में दहशत है।
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