उद्यान विभाग की ओर से लगाए गए किसान मेले में किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी गई। कृषकों को परंपरागत खेती के साथ ही फलों व फूलों की खेती करने के लिए जागरूक किया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को जानकारी दी कि यदि वह परंपरागत खेती के साथ ही फलों व फूलों की खेती करते हैं तो उनका आर्थिक स्तर सुधर सकता है।
एकीकृत बागवानी विकास योजना के तहत दो दिवसीय किसान मेले का शुभारंभ गुरुवार को सीडीओ संदीप कौर ने दीप प्रज्जवलित कर किया। जिला उद्यान अधिकारी डॉ. शैलेंद्र शुक्ला ने संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बताया कि किसान फल व फूल की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।
सीआईएसएच लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसके शुक्ला ने आम, अमरूद की खेती के संबंध में बताया। राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान लखनऊ के डॉ. आरएस कटियार ने गेंदा, रजनी गंधा, ग्लैडियोलस व जरबेरा आदि फूलों की खेती के बारे में बताया।
केंद्रीय औषधीय एवं पौध सगंध संस्थान लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरपी यादव ने सगंध एवं औषधीय फसलों की खेती के बारे में जानकारी दी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डीएन मिश्रा ने दुधारु पशुओं के टीकाकरण और कामधेनु डेयरी के बारे में किसानों को आवश्यक जानकारी दी।
कृषि रक्षाधिकारी सुदामा सिंह ने बताया कि फसलों में यदि रोग लगे तो उसका तुरंत उपचार करें। उन्होंने कीटनाशक व फफूदनाशक रसायनों के बारे में किसानों को बताया।
इस दौरान किसान महेश प्रसाद, अशोक सिंह, रामनारायण ने अधिकारियों ने खेती संबंधी सवाल पूछे। संचालन डॉ. पीसी पांडेय व आभार एकीकृत बागवानी मिशन आरबी वर्मा ने जताया। मेला शुक्रवार को भी निराला पार्क में लगा रहेगा। इस मौके पर सोबरन लाल, वीरेश कुमार, धीरेंद्र कुमार, चेतराम, शशिभाल अवस्थी आदि मौजूद रहे।