पडां स्थित बालेश्वरी देवी मंदिर प्रांगण में आयोजित धनुषभंग में धनुष तोडने का मंचन करते कलाकार।
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अचलगंज। प्रभु श्रीराम के हाथ लगाते ही शिव धनुष टूट गया। धनुष टूटते ही क्रोधित भगवान परशुराम जनकपुर पहुंचते हैं। इसके बाद परशुराम और लक्ष्मण का संवाद होता है। बुधवार को सदर तहसील के गांव पड़री स्थित बालेश्वरी देवी मंदिर 112 वें धनुषभंग में जीवंत लीला देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
टंकू कानपुरी की पार्टी के कलाकारों ने धनुष भंग का जीवंत अभिनय किया। लक्ष्मण, परशुराम और रावण व बाणासुर का संवाद सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। राम का अभिनय अवनीश, लखन प्रदीप, विश्वामित्र कृष्ण स्वरूप, रावण ओमप्रकाश, बाणासुर सुखस्वरूप शुक्ला, जनक छन्नूलाल त्रिवेदी, परशुराम जितेंद्र पांडेय, कौशिक टिंकू, व्यास उमेश त्रिपाठी व तबला वादक का रोल ललित त्रिपाठी ने निभाया।
मुख्य अतिथि बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार ने कहा कि भारतीय परंपराओं में मेले का अपना अलग महत्व है। पूर्व मंत्री डॉ. गंगा बक्स सिंह ने कहा कि विभिन्न संस्कृतियों को सहेजे हमारी संस्कृति विश्व की सबसे सुंदर संस्कृतियों में है। इस दौरान अनिल कुशवाहा ,उत्तमचंद लोधी, रमन अवस्थी, भोला त्रिवेदी, केके वर्मा, विकास मिश्रा, महेंद्र पांडेय, कौशल किशोर पांडेय, उमेश दीक्षित, गुड्डू ,पप्पू त्रिवेदी उपस्थित रहे।