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समितियों में डीएपी नहीं, किसान परेशान

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बिछिया कृषक सेवा सहकारी समिति में बंद ताला। - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। समितियों से फिर डीएपी गायब हो गई है। जिला प्रशासन के दावों के विपरीत एक भी समिति में डीएपी नहीं है। निजी दुकानों तक में डीएपी की कमी है। इससे किसान परेशान हैं।
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रबी सीजन में 32500 मीट्रिक टन डीएपी उपयोग का लक्ष्य निर्धारित है। अक्तूबर में 7893 एमटी की खपत होती है। इसके सापेक्ष विभाग के पास 13855 एमटी डीएपी उपलब्ध रहने का दावा किया गया था। नवंबर शुरू होते ही दावे फेल होते नजर आए। सोमवार को सभी साधन सहकारी समितियों में डीएपी नहीं रही। यही हाल निजी खाद दुकानों का भी रहा। पुरवा की साधन सहकारी समिति पासाखेड़ा में चार दिन से डीएपी नहीं है। असोहा ब्लाक की बेहटा, गोसाईखेड़ा ,चौपई में डीएपी का स्टाक निल है। अचलगंज की मनोहरपुर, पंसारी, ताजपुर नौबस्ता, रानीगंज, बेथर, बहुराजमऊ व कोलुहागाढ़ा में भी डीएपी नहीं मिल रही है। मनोहरपुर सचिव नरेंद्र मिश्र ने बताया कि रैक लगी है। एक-दो दिन में आने की संभावना है।
फतेहपुर चौरासी की सभी नौ साधन सहकारी समितियों में डीएपी नहीं है। बांगरमऊ नगर स्थित नेवल साधन सहकारी समिति, सहकारी संघ, क्रय विक्रय, गौरा साधन सहकारी समिति में खाद स्टाक में नहीं है। गंजमुरादाबाद की सभी साधन सहकारी समितियों में डीएपी नहीं है। बिछिया समिति में डीएपी न होने से ताला भी नहीं खुला। सफीपुर में सभी सात समितियों पर खाद नहीं मिल रही है। सहायक निबंधक सहकारिता वीरेंद्र बाबू दीक्षित ने बताया कि डीएपी का स्टाक खत्म हो चुका है। नई रैक का मांगपत्र शासन को भेजा जा चुका है।
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